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Kanpur: फर्जी दस्तावेजों से जमीन का करा दिया बैनामा, कानूनगो निलंबित
Tue, 18 Feb 2025 11:23 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 18 Feb 2025 11:23 PM IST
सार
फर्जी दस्तावेजों से जमीन का बैनामा कराने के मामले में जांच रिपोर्ट में कानूनगो के दोषी मिलने पर उसे निलंबित कर दिया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन का बैनामा कराने और अनियमित तरीके से बिक्री करने पर कानूनगो आलोक दुबे को डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने निलंबित कर दिया है। एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट क आधार पर डीएम ने यह कार्रवाई की।
ग्राम कला का पुरवा रामपुर भीमसेन निवासी शिकायतकर्ता संदीप सिंह ने 2 दिसंबर 2024 को जिलाधिकारी से शिकायत की थी। बताया था कि कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के साथ ही सिंहपुर कठार की गाटा संख्या 207 में राजपति और राजकुमारी का नाम दर्ज नहीं था। फिर भी फर्जी दस्तावेजों को तैयार कर विपक्षियों से मिलकर बैनामा करा दिया गया। यही नहीं उस जमीन की बिक्री भी करा दी गई। इसी तरह दूसरे मामले में ग्राम रामपुर भीमसेन की गाटा संख्या 895 और अन्य गाटों पर मोहनलाला की वसीयत के आधार पर नायाब तहसीलदार सचेंडी के न्यायालय में नामांतरणवाद का मामला विचाराधीन है। इसके बावजूद कानूनगो आलोक ने राजपति व राजकुमारी से मिलकर षड्यंत्र कर 11 मार्च 2024 को नायाब तहसीलदार बिठूर से उन्हीं के नाम वरासत आदेश करा लिया। फिर 11 मार्च को ही आराजी का बैनामा अपने पक्ष में करा लिया। इसपर तत्कालीन जिलाधिकारी ने टीम गठित कर जांच कराई। जांच में पाया गया कि राजस्व निरीक्षक आलोक दुबे ने अपने और परिवार के नाम भूमि क्रय-विक्रय के लिए विभागाध्यक्ष से अनुमति नहीं ली। साथ ही नियमों के विरुद्ध तरीके से कागजों में हेराफेरी की। रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई का आदेश दे दिया।
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ग्राम कला का पुरवा रामपुर भीमसेन निवासी शिकायतकर्ता संदीप सिंह ने 2 दिसंबर 2024 को जिलाधिकारी से शिकायत की थी। बताया था कि कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के साथ ही सिंहपुर कठार की गाटा संख्या 207 में राजपति और राजकुमारी का नाम दर्ज नहीं था। फिर भी फर्जी दस्तावेजों को तैयार कर विपक्षियों से मिलकर बैनामा करा दिया गया। यही नहीं उस जमीन की बिक्री भी करा दी गई। इसी तरह दूसरे मामले में ग्राम रामपुर भीमसेन की गाटा संख्या 895 और अन्य गाटों पर मोहनलाला की वसीयत के आधार पर नायाब तहसीलदार सचेंडी के न्यायालय में नामांतरणवाद का मामला विचाराधीन है। इसके बावजूद कानूनगो आलोक ने राजपति व राजकुमारी से मिलकर षड्यंत्र कर 11 मार्च 2024 को नायाब तहसीलदार बिठूर से उन्हीं के नाम वरासत आदेश करा लिया। फिर 11 मार्च को ही आराजी का बैनामा अपने पक्ष में करा लिया। इसपर तत्कालीन जिलाधिकारी ने टीम गठित कर जांच कराई। जांच में पाया गया कि राजस्व निरीक्षक आलोक दुबे ने अपने और परिवार के नाम भूमि क्रय-विक्रय के लिए विभागाध्यक्ष से अनुमति नहीं ली। साथ ही नियमों के विरुद्ध तरीके से कागजों में हेराफेरी की। रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई का आदेश दे दिया।
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