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पत्नी गर्भवती, पिता बीमार, चाहे जैसे घर भेज दें

Fri, 08 May 2020 12:33 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 08 May 2020 12:33 AM IST
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दिनेश प्रजापति , हवीर महत्रों, राहुल प्रजापति शैली जी की खबर के साथ यूनिवर्सिटी की फोटो है ------भाटि
पत्नी पांच माह की गर्भवती हैं, 75 साल के पिता उठ-बैठ नहीं सकते, घर में मां और डेढ़ साल की बच्ची भी है। कोई देखरेख करने वाला नहीं है। हमें किसी तरह यहां से निकलवा दीजिए, हमारी गुहार सुनने वाला कोई नहीं है। इतना कहते-कहते राहुल प्रजापति का गला रूंध गया। मध्य प्रदेश निवासी राहुल मूर्तिकार हैं। वह छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी (सीएसजेएमयू) में 16 मार्च से 23 मार्च 2020 तक आयोजित टेराकोटा की वर्कशाप में छात्रों को प्रशिक्षण देने के लिए अपने दो साथियों के साथ आए थे। पहले जनता कर्फ्यू और फिर लॉकडाउन की वजह से यहीं फंस कर रह गए। इन प्रशिक्षकों का कहना है कि वे विवि प्रशासन से कई बार वापस भेजने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था नहीं हुई है।
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सीएसजेएमयू में इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स विभाग की ओर से 16 मार्च से राष्ट्रीय टेराकोटा मूर्तिकला कार्यशाला का शुभारंभ हुआ था। इसमें राजस्थान, पंजाब, गुजरात सहित कई राज्यों से छात्र-छात्राएं आए थे। इनको प्रशिक्षण देने के लिए मध्य प्रदेश से प्रशिक्षक राहुल प्रजापति, महावीर और दिनेश कुमार प्रजापति को बुलाया गया था। कोरोना के चलते 19 मार्च को कार्यशाला स्थगित कर दी गई है। छात्र-छात्राओं को वापस भेज दिया गया। राहुल के मुताबिक उनको कुछ मूर्तियों को फाइनल करने करने के लिए रोक लिया गया। इसके बाद जनता कर्फ्यू और फिर लॉकडाउन शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि उन्हें हॉस्टल में रुकवाकर राशन दे दिया गया है। वह खुद खाना बनाते हैं।
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वहीं साथी दिनेश ने कहा कि वैसे उन्हें यहां कोई परेशानी नहीं है, लेकिन परिवार का हाल बेहाल है। राहुल के मुताबिक विवि प्रशासन ने कार्यशाला प्रशिक्षण मद का डीए भी नहीं दिया है। वह पहली बार इस शहर आए हैं। यहां से घर जाने के लिए किससे मिलें, कैसे जाएं, कुछ पता नहीं। तीनों मूर्तिकारों का कहना है उन्हें किसी प्रकार से घर भिजवा दिया जाए। इस मामले में वीसी प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि वर्तमान हालात में चाहकर भी उनकी मदद नहीं हो पा रही है। सरकारी आदेश का इंतजार है। व्यवस्था होते ही इनको घर रवाना कर दिया जाएगा।
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