{"_id":"6ab18194ed0fa691490676b7","slug":"kanpur-ke-dm-bne-mahndr-kanpur-news-c-12-1-knp1052-1659032-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: कानपुर के डीएम बने महेंद्र सिंह तंवर, जितेंद्र प्रताप बने कृषि उत्पादन मंडी निदेशक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: कानपुर के डीएम बने महेंद्र सिंह तंवर, जितेंद्र प्रताप बने कृषि उत्पादन मंडी निदेशक
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात 34 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए। इसमें कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद बनाया गया है। जितेंद्र प्रताप सिंह डेढ़ वर्ष से तैनात है। उनकी जगह कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को कानपुर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। तंवर 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।
हरियाणा के रोहतक जिले के मूल निवासी महेंद्र सिंह तंवर ने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। सिविल सेवा में आने से पहले उन्होंने निजी क्षेत्र में करीब दो वर्ष काम किया। इसके बाद सिविल सेवा में चयन हुआ। वह गाजियाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त, गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, शाहजहांपुर के सीडीओ और बहराइच व एटा में संयुक्त मजिस्ट्रेट जैसे पदों पर भी काम कर चुके हैं। अप्रैल 2025 में उन्हें कुशीनगर का डीएम बनाया गया था। कुशीनगर में उनके कार्यकाल से पहले वह संतकबीरनगर के डीएम रहे। इससे पहले गोरखपुर में जीडीए उपाध्यक्ष रहते हुए उनके कार्यकाल में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई और विभिन्न विकास परियोजनाएं चर्चा में रही थीं।
विज्ञापन
मददगार छवि और सख्त कार्रवाई से चर्चा में रहे डीएम
जितेंद्र प्रताप सिंह कानपुर में जनवरी 2025 मे डीएम का पद संभाला था। इस बीते डेढ़ वर्ष के कार्यकाल के दौरान जितेंद्र प्रताप सिंह की पहचान आम लोगों की समस्याओं पर सीधे हस्तक्षेप करने वाले अधिकारी के रूप में बनी। जनता दर्शन में गरीब और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं पर उन्होंने कई बार तत्काल कार्रवाई कराई। जरूरतमंद बच्चों से जुड़ी मदद की पहल भी उनकी कार्यशैली का हिस्सा रही। मई 2026 में दो बच्चियों को गुल्लक देने और उसमें अपनी ओर से रुपये डालने की तस्वीर भी चर्चा में रही थी।वहीं प्रशासनिक स्तर पर उन्होंने लापरवाही और अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, विभागीय कामकाज और भ्रष्टाचार संबंधी मामलों में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई उनके कार्यकाल की प्रमुख चर्चाओं में रही। तबादले के बाद अब उनकी नई जिम्मेदारी राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक की होगी।
विज्ञापन