कानपुर में प्रशासनिक बदलाव: सख्त छवि वाले जितेंद्र प्रताप सिंह की विदाई, आईएएस महेंद्र सिंह तंवर बने नए डीएम
Kanpur News: कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह का स्थानांतरण राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक पद पर हो गया है। लगभग डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में वह अपनी मदद की छवि और सख्त प्रशासनिक फैसलों के लिए जाने गए। वहीं, 2015 बैच के आईएएस अधिकारी और वर्तमान में कुशीनगर के डीएम महेंद्र सिंह तंवर को कानपुर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
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कानपुर में जितेंद्र प्रताप सिंह ने जनवरी 2025 में डीएम का पद संभाला था। इस बीते डेढ़ वर्ष के कार्यकाल के दौरान जितेंद्र प्रताप सिंह की पहचान आम लोगों की समस्याओं पर सीधे हस्तक्षेप और सख्त कार्रवाई करने वाले अधिकारी के रूप में बनी। जनता दर्शन में गरीब और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं पर उन्होंने कई बार तत्काल कार्रवाई कराई।
जरूरतमंद बच्चों से जुड़ी मदद की पहल भी उनकी कार्यशैली का हिस्सा रही। मई 2026 में दो बच्चियों को गुल्लक देने और उसमें अपनी ओर से रुपये डालने की तस्वीर भी चर्चा में रही थी। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर उन्होंने लापरवाही और अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई को लेकर भी सख्त रुख अपनाया।
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक बने
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, विभागीय कामकाज और भ्रष्टाचार संबंधी मामलों में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई उनके कार्यकाल की प्रमुख चर्चाओं में रही। तबादले के बाद अब उनकी नई जिम्मेदारी राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक की होगी।
तंवर 2015 बैच के आईएएस, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में किया बीटेक
कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को कानपुर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। तंवर 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। हरियाणा के रोहतक जिले के मूल निवासी महेंद्र सिंह तंवर ने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। सिविल सेवा में आने से पहले उन्होंने निजी क्षेत्र में करीब दो वर्ष काम किया।
अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई चर्चा में रही थीं
वह गाजियाबाद के नगर आयुक्त, गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, शाहजहांपुर के सीडीओ और बहराइच व एटा में संयुक्त मजिस्ट्रेट जैसे पदों पर भी काम कर चुके हैं। अप्रैल 2025 में उन्हें कुशीनगर का डीएम बनाया गया था। इससे पहले वह संतकबीरनगर के डीएम रहे। गोरखपुर में जीडीए उपाध्यक्ष रहते हुए अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई और विभिन्न विकास परियोजनाएं चर्चा में रही थीं।