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Kanpur: बिकरू कांड का मुख्य आरोपी जय वाजपेई साढ़े पांच साल बाद जेल से हुआ रिहा
Wed, 13 May 2026 11:22 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Wed, 13 May 2026 11:22 PM IST
सार
बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के खजांची जय को सुप्रीम कोर्ट से गैंगस्टर मामले में राहत मिली थी।
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जय वाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के खजांची कहे जाने वाले जय वाजपेई की जेल से रिहाई हो गई। गैंगस्टर मामले में सजा काट रहे जय को पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। जय 20 जुलाई 2020 से जेल में बंद था। कानपुर देहात के बिकरू में दो जुलाई 2020 को विकास दुबे गैंग ने बिल्हौर के क्षेत्राधिकारी समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के साथ ही सात पुलिसकर्मियों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना के बाद मुख्य आरोपी विकास दुबे की भी पुलिस मुठभेड़ में मौत हो चुकी है। पुलिस की जांच में ब्रह्मनगर निवासी जय वाजपेई को विकास दुबे का खजांची बताया गया था। जय पर आरोप है कि उसने विकास को दो लाख रुपये व 25 कारतूस मुहैया कराए। इनका इस्तेमाल विकास ने पुलिसकर्मियों की हत्या में किया।
साथ ही विकास को भागने में मदद करने के लिए वाहन मुहैया कराने का भी आरोप है। जय को 20 जुलाई 2020 को गिरफ्तार कर माती जेल भेजा गया था। बिकरू कांड के बाद गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी की गई थी। इससे संबंधित मुकदमे में गैंगस्टर एक्ट के विशेष न्यायाधीश ने पांच सितंबर 2023 को जय वाजपेई समेत 23 दोषियों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई थी। इसी सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने जय को जमानत दे दी है।
बिकरू कांड के बाद जय के खिलाफ कानपुर नगर और देहात में आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें से तीन मुकदमों में जय बरी हो चुका है जबकि बाकी मुकदमों में उसे पहले ही जमानत मिल चुकी थी। बिकरू कांड के मुख्य मुकदमे में भी उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
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साथ ही विकास को भागने में मदद करने के लिए वाहन मुहैया कराने का भी आरोप है। जय को 20 जुलाई 2020 को गिरफ्तार कर माती जेल भेजा गया था। बिकरू कांड के बाद गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी की गई थी। इससे संबंधित मुकदमे में गैंगस्टर एक्ट के विशेष न्यायाधीश ने पांच सितंबर 2023 को जय वाजपेई समेत 23 दोषियों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई थी। इसी सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने जय को जमानत दे दी है।
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बिकरू कांड के बाद जय के खिलाफ कानपुर नगर और देहात में आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें से तीन मुकदमों में जय बरी हो चुका है जबकि बाकी मुकदमों में उसे पहले ही जमानत मिल चुकी थी। बिकरू कांड के मुख्य मुकदमे में भी उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
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इन मुकदमों में फंसा था जय
1- चौबेपुर में हुए बिकरू कांड में विकास दुबे के खजांची के आरोप में जय वाजपेई पर दर्ज हुआ था मुकदमा।
2- कानपुर देहात में गैंगस्टर एक्ट के तहत जय वाजपेई के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा।
3- सचिवालय का फर्जी पास गाड़ी पर लगाने के आरोप में काकादेव थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा।
4- आपराधिक इतिहास छिपाकर पासपोर्ट बनवाने के आरोप में नजीराबाद थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा।
5- कारतूसों के दुरुपयोग मामले में आयुध अधिनियम के तहत बजरिया थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा।
6- कानपुर में नजीराबाद थाने में जय व उसके भाइयों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में दर्ज हुआ था मुकदमा।
7- जय वाजपेई के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी कार्रवाई की गई थी।
1- चौबेपुर में हुए बिकरू कांड में विकास दुबे के खजांची के आरोप में जय वाजपेई पर दर्ज हुआ था मुकदमा।
2- कानपुर देहात में गैंगस्टर एक्ट के तहत जय वाजपेई के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा।
3- सचिवालय का फर्जी पास गाड़ी पर लगाने के आरोप में काकादेव थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा।
4- आपराधिक इतिहास छिपाकर पासपोर्ट बनवाने के आरोप में नजीराबाद थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा।
5- कारतूसों के दुरुपयोग मामले में आयुध अधिनियम के तहत बजरिया थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा।
6- कानपुर में नजीराबाद थाने में जय व उसके भाइयों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में दर्ज हुआ था मुकदमा।
7- जय वाजपेई के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी कार्रवाई की गई थी।