Kanpur: जनक कुमार बोले- रेलवे के आधुनिकीकरण से हादसों पर लगेगी रोक, समय की होगी बचत और कार्यक्षमता भी बढ़ेगी
Kanpur News: मेक इन इंडिया के तहत हरिद्वार की कंपनी ने आरबीएमवी-2401 व बेंगलुरु की सैन इंजीनियरिंग एंड लोकोमोटिव लिमिटेड ने आरबीएमवी-001 मशीन बनाई हैं। दोनों मशीनें कानपुर में स्थापित की गई हैं।
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रेलवे अब आधुनिकीकरण की ओर बढ़ा है। आधुनिक तकनीक से ट्रैक की देखरेख से पलक झपकते ही कमियां पता चलेंगी। इससे हादसे रोके जा सकेंगे। यह बात बुधवार को प्रधान मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) जनक कुमार गर्ग ने कही। वह सीओडी के पास न्यू कोचिंग कांप्लेक्स (एनसीसी) में निरीक्षण कर रहे थे। सीसीआरएस दो दिवसीय दौरे पर कानपुर पहुंचे हैं।
पहले दिन बुधवार को उन्होंने सेंट्रल स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक कर 767 करोड़ रुपये से कराए जा रहे पुर्नविकास के कार्यों की जानकारी ली। इसके बाद प्लेटफार्म नंबर-एक पर स्थित रूट रिले इंटरलॉकिंग भवन का निरीक्षण किया। मेट्रो स्टेशन से सेंट्रल के जुड़ाव पर चर्चा भी की। इसके बाद वह एनसीसी में अत्याधुनिक आरबीएमवी मशीनों का निरीक्षण कर इनकी बारीकी जानी।
स्पीड ट्रायल रन के तौर पर सीसीआरएस के सामने परखा
मेक इन इंडिया के तहत हरिद्वार की कंपनी ने आरबीएमवी-2401 व बेंगलुरु की सैन इंजीनियरिंग एंड लोकोमोटिव लिमिटेड ने आरबीएमवी-001 मशीन बनाई हैं। दोनों मशीनें कानपुर में स्थापित की गई हैं। बुधवार को इन्हें लोको लाइन से रूमा स्टेशन के बीच 100 किमी प्रति घंटा की गति से दौड़ाकर स्पीड ट्रायल रन के तौर पर सीसीआरएस के सामने परखा गया। इस दौरान उनके साथ मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल, अपर मंडल रेल प्रबंधक इंफ्रा नवीन प्रकाश, उप मुख्य यातायात प्रबंधक कानपुर सेंट्रल आशुतोष सिंह समेत अन्य सभी मौजूद रहे।
समय की होगी बचत, कार्यक्षमता बढ़ेगी
रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि दोनों मशीनें रेलपथ के नियमित देखरेख का कार्य करेंगी। साथ ही रेलवे के फ्लाईओवर व सड़क पर निर्मित ओवरब्रिज के निचले हिस्सों की स्थिति समझने में भी मददगार बनेंगी। इनसे समय व मैनपावर की बचत के साथ कार्यक्षमता बढ़ेगी। इन मशीनों के उपयोग से रेलवे की कार्य प्रगति को नई दिशा मिलेगी।