Kanpur IT Raid: डीजीजीआई के इनपुट पर तीन महीने की जांच, फिर मारा छापा…10 करोड़ की हेराफेरी मिली थी, पढ़ें डिटेल
Kanpur News: पनकी स्थित एक फैक्टरी में एसएनके और दूसरी में गगन नाम से पान मसाला बनता है। कई दिन तक चली जांच के बाद 10 करोड़ की कर चोरी मिली थी। इसमें सात करोड़ रुपये जमा कराए गए थे। 80 लाख रुपये जब्त किए गए थे।
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कानपुर में आयकर विभाग ने एसएनके पान मसाला ब्रांड के प्रतिष्ठानों पर छापा मारने से पहले महीनों तैयारी की। जीएसटी इंटेलीजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) से मिले कर चोरी के इनपुट के बाद विभाग के अफसरों ने जांच-पड़ताल शुरू की। समूह की कंपनियों के टर्नओवर, आयकर का ब्योरा जुटाया। साथ ही समूह के सहयोगियों की गहन जांच की।
उत्तर प्रदेश से लेकर दमन और दीव तक जुड़े लोगों के लेन-देन का ब्योरा देखा गया। बड़ी कर चोरी होने के पुख्ता तथ्य मिलने के बाद इतने बड़े स्तर पर छापा मारा गया। दरअसल, डीजीजीआई लखनऊ, गुरुग्राम और दिल्ली की 28 अफसरों की टीमों ने अक्तूबर में एसएनके पान मसाला की पनकी स्थित दो फैक्टरियों के साथ ही स्वरूपनगर और रतनलालनगर स्थित आवासों पर छापा मारा था।
बोगस खरीद के दस्तावेज जब्त किए गए थे
इस दौरान बड़े पैमाने पर तैयार और कच्चे माल के स्टॉक में अंतर मिला था। करोड़ों का टर्नओवर होने के बाद भी स्टॉक, खरीद-बिक्री के खाते सही तरीके से नहीं बनाए जा रहे थे। जांच में बोगस खरीद के दस्तावेज जब्त किए गए थे। करोड़ों की हेराफेरी मिलने के बाद पनकी स्थित फैक्टरियों को अफसरों ने सील कर दिया। शायद शहर में यह पहला मामला था, जब किसी पान मसाला कारोबारी की फैक्टरियों को सील किया गया था।
चोरी से जुड़े इनपुट आयकर विभाग को दिए
पनकी स्थित एक फैक्टरी में एसएनके और दूसरी में गगन नाम से पान मसाला बनता है। कई दिन तक चली जांच के बाद 10 करोड़ की कर चोरी मिली थी। इसमें सात करोड़ रुपये जमा कराए गए थे। 80 लाख रुपये जब्त किए गए थे। सूत्रों ने बताया कि डीजीजीआई के छापे के बाद कर चोरी से जुड़े इनपुट आयकर विभाग को दिए गए थे। इसके बाद विभाग ने इसे स्पेशल केस के तौर पर लिया और जानकारी जुटानी शुरू की। इसके बाद तंबाकू, सुपाड़ी, सुगंध और ट्रांसपोर्टर के गठजोड़ के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद छापा मारा गया।
11 जून को बनी ग्रीन्सवर्थ इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड
समूह का पानमसाला अब ग्रीन्सवर्थ इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाती है। यह कंपनी 11 जून 2021 को बनाई गई। इस कंपनी का टर्न ओवर 2021-22 में 90 करोड़ से ज्यादा रहा। 2022-23 में 125 करोड़ से ज्यादा और 2023-24 में 115 करोड़ से ज्यादा रहा है। 2024-25 में 55 करोड़ से ज्यादा का टर्नओवर हो चुका है। इसके अलावा समूह ने एक जुलाई 2023 को गोल्ड बॉल फूड स्लाइन प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक कंपनी बनाई, जो तंबाकू का कारोबार करती है। 2023-24 में इस कंपनी ने करीब 18 करोड़ का कारोबार किया।