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कानपुर: हाई-वैल्यू लेनदेन पर आईटी विभाग की नजर, एआई से पकड़ाएगा फ्रॉड, विशेषज्ञ बोले- सही ITR ही एकमात्र बचाव

Thu, 08 Oct 2026 01:00 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 08 Oct 2026 01:00 PM IST
सार

Kanpur News: आयकर विभाग अब पूरी तरह से ऑनलाइन, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कार्यप्रणाली पर शिफ्ट हो चुका है। विभाग के पास करदाताओं के उच्च मूल्य के खर्चों, निवेशों, बैंक लेन-देन, शेयर बाजार, विदेशी मुद्रा और चल-अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री की पल-पल की जानकारी डिजिटल डेटाबेस में उपलब्ध है।

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Kanpur IT Department monitoring high value transactions AI to detect fraud ITR is the only safeguard
संतोष कुमार गुप्ता - फोटो : amar ujala

विस्तार

यदि आप अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री कर रहे हैं। बैंक में मोटी नकद राशि जमा करा रहे हैं या शेयर बाजार में बड़ा निवेश कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। आयकर विभाग अब पूरी तरह से ऑनलाइन, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से लैस हो चुका है। करदाताओं के प्रत्येक उच्च मूल्य वाले लेन-देन की जानकारी सीधे विभाग के केंद्रीय डेटाबेस में दर्ज हो रही है, जिससे कर चोरी छिपाना अब नामुमकिन सा हो गया है।

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विभाग के अनुसार, बैंकों के चालू खातों में 12.50 लाख रुपये से अधिक की नकद जमा, बांड-डिबेंचर, बाय-बैक शेयर, विदेशी मुद्रा के लेन-देन, बैंक ब्याज और शेयर बाजार में किए गए निवेश का पूरा ब्योरा सीधे विभाग तक पहुंच रहा है। पैन और आधार कार्ड के आपस में लिंक हो जाने के बाद हर नागरिक की वित्तीय कुंडली एक क्लिक पर उपलब्ध है। वित्तीय वर्ष समाप्त होते ही सभी बैंक और वित्तीय संस्थान यह संपूर्ण डेटा आयकर विभाग को ऑनलाइन सौंप रहे हैं, जिसे अब जांच-पड़ताल के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों को भेजा जा रहा है।

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गिफ्ट और नकद लेन-देन पर भी कड़े नियम
आयकर कानूनों (धारा 508 एवं नियम 237(2)) के तहत उच्च मूल्य के सभी लेन-देन परिभाषित किए गए हैं। धारा 92(3) के अनुसार, तय रिश्तेदारों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से 50 हजार रुपये से अधिक का कैश या संपत्ति गिफ्ट के रूप में मिलने पर वह करदाता की आय में जोड़कर टैक्स के दायरे में आएगी। इसके अलावा, किसी भी व्यक्ति से एक दिन में 2 लाख रुपये से अधिक का नकद लेन-देन सीधे विभाग के रडार पर है।

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आयकर रिटर्न में न छिपाएं कमाई, पास रखें पक्के सबूत
विशेषज्ञों और अधिकारियों की सलाह है कि करदाता अपनी वास्तविक आय, संपत्ति की खरीद-बिक्री, निवेश और खर्चों का पूरा ब्योरा अपने आयकर रिटर्न में अनिवार्य रूप से घोषित करें। साथ ही, पैसे के स्रोत के पक्के साक्ष्य और लिखापढ़ी अपने पास सुरक्षित रखें। यदि रिटर्न में आंकड़े छिपाए गए या स्पष्टीकरण असंतोषजनक रहा, तो आयकर विभाग द्वारा भारी जुर्माना, ब्याज और कानूनी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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