Kanpur: दीनू के मददगार दो कथित पत्रकारों की भी जांच शुरू, कुछ चौकी इंचार्जों और थानेदारों की भी हो रही पड़ताल
Kanpur News: बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड में सोनभद्र जेल में बंद धीरज उर्फ दीनू उपाध्याय के दो कथित पत्रकारों और कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है। इन पर दीनू के साथियों की मदद करने और शिकायतकर्ताओं को धमकाने का आरोप है।
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कानपुर में बसपा नेता पिंटू सेंगर की हत्या में सोनभद्र जेल में बंद धीरज उर्फ दीनू उपाध्याय के मददगार दो और कथित पत्रकारों की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इन पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर दीनू के साथियों की मदद करने का आरोप है। उनके आर्थिक स्रोत की एलआईयू के स्टाफ से रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है जिसमें प्लॉट, घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। कुछ चौकी इंचार्जों और थानेदारों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दो वादियों ने जानकारी दी थी कि उन्होंने जब कब्जे की शिकायत की तो उनसे कुछ लोगों ने संपर्क किया था, वे खुद को पत्रकार बता रहे थे। उन लोगों ने दीनू के साथियों के बारे में बढ़ा चढ़ाकर बातें की थीं। वे लोग वादी को डरा रहे थे। ऐसे कथित पत्रकारों के दीनू के कुछ साथियों से मोबाइल पर बातचीत होने के सबूत मिले हैं। उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। इनके भूमाफिया से भी संपर्क होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। जांच के लिए क्राइम ब्रांच और एलआईयू के विशेष स्टाफ लगाए गए हैं।
इन शातिरों के खिलाफ खुल चुकी हिस्ट्रीशीट
मंगलवार को ही पुलिस ने दीनू उपाध्याय गैंग के सक्रिय सदस्य दीपक जादौन समेत 48 शातिरों की हिस्ट्रीशीट खोली है। इससे पहले सोमवार को गैंग के दूसरे सदस्य अधिवक्ता नारायण भदौरिया की हिस्ट्रीशीट किदवईनगर पुलिस ने खाेली थी। इसके अलावा रेउना थाने से किरांव गांव निवासी विजय प्रताप सिंह उर्फ कल्ली की हिस्ट्रीशीट खुली है। वह हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियार रखने, छेड़खानी आदि का आरोपी है। गोविंदनगर से धोखाधड़ी के आरोपी प्रापर्टी डीलर गुरमीत सिंह, शरद पासवान समेत नौ और बर्रा से अभिषेक शर्मा, दीपक कनौजिया समेत सात लोग शामिल हैं जबकि किदवईनगर से यूट्यूबर अनुज जैन की हिस्ट्रीशीट खुली है।