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Kanpur: ईडीएम नाइट में झूमे आईआईटीयंश, दिखा फैशन का जलवा
Sat, 11 Oct 2025 11:03 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 11 Oct 2025 11:03 PM IST
सार
अंतराग्नि में तीसरे दिन सहर्ष शुक्ला और दुर्गेश कुमार ने ओटीटी और सिनेमा के प्रभाव पर चर्चा की।
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सांस्कृतिक महोत्सव अंतराग्नि
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आईआईटी में आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव अंतराग्नि में तीसरे दिन की शुरुआत पोएट्री स्लैम से हुई। इसमें देशभर के कवियों ने भावनाओं को व्यक्त किया। काव्यांजलि में भारतीय साहित्यिक धरोहर की झलक प्रस्तुत की गई। मोनो एक्ट प्रस्तुतियों ने एकांत, साहस और आत्ममंथन की कहानियों को जीवंत किया गया जिससे दर्शक भावविभोर हो गए। रात में हुई ईडीएम नाइट में तेरीमिको ने परिसर में मौजूद हर व्यक्ति को झूमने पर मजबूर कर दिया। ऋतंभरा फिनाले और फैशन गीक में फैशन और नवाचार का संगम देखने को मिला।
स्टेज प्ले फिनाले ने ओपन एयर थिएटर को कहानी का कैनवास बना दिया। सिंक्रोनिसिटी (राक बैंड प्रतियोगिता) में एक से एक बढ़कर प्रस्तुतियां हुईं। कलाकारों ने भरतनाट्यम, कथक और ओडिशी प्रस्तुतियों से मन मोह लिया। प्रतिभागियों की बुद्धि की परीक्षा हेल्म क्विज, इंडिया क्विज और वर्ड गेम्स फिनाले में हुई। पार्लियामेंट्री डिबेट और आमने सामने सत्रों ने तार्किक बहस और वैचारिक विमर्श का मंच प्रदान किया। क्रिएटिव राइटिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने शब्दों की दुनिया रची।
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स्टेज प्ले फिनाले ने ओपन एयर थिएटर को कहानी का कैनवास बना दिया। सिंक्रोनिसिटी (राक बैंड प्रतियोगिता) में एक से एक बढ़कर प्रस्तुतियां हुईं। कलाकारों ने भरतनाट्यम, कथक और ओडिशी प्रस्तुतियों से मन मोह लिया। प्रतिभागियों की बुद्धि की परीक्षा हेल्म क्विज, इंडिया क्विज और वर्ड गेम्स फिनाले में हुई। पार्लियामेंट्री डिबेट और आमने सामने सत्रों ने तार्किक बहस और वैचारिक विमर्श का मंच प्रदान किया। क्रिएटिव राइटिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने शब्दों की दुनिया रची।
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कवि सम्मेलन मुशायरा पर कविता पाठ करते वरिष्ठ कवि नरेश सक्सेना
- फोटो : अमर उजाला
यथार्थ या मनोरंजन सत्र में कला और यथार्थ के संबंधों पर गहन चर्चा हुई। यथार्थ या मनोरंजन आज के दौर में सिनेमा के प्रयोजन सत्र में छिछोरे के बेवड़ा सहर्ष शुक्ला और पंचायत के बनराकस दुर्गेश कुमार ने ओटीटी और सिनेमा के प्रभाव पर चर्चा की। प्रसिद्ध लेखिका भावना मिश्रा ने यथार्थवाद और कल्पना के मुद्दों पर संवाद किया। बीजीएमआई–रियल क्रिकेट शोडाउन, डीजे वार प्रीलिम्स, कॉमिक कौन, टूर दे फोर्स और टैलेंट फिएस्टा जैसे कार्यक्रमों में युवाओं में प्रतिभाग किया।