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Kanpur: क्यूएस सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग में आईआईटी 65 पायदान गिरा, सीएसजेएमयू चमका
Tue, 18 Nov 2025 10:40 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 18 Nov 2025 10:40 PM IST
सार
क्यूएस सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग 2026 में आईआईटी को दुनिया में 310वां स्थान मिला। जबकि 2025 में 245वीं रैंक थी। सीएसजेएमयू का प्रदर्शन बेहतर रहा। 1251-1300 रैंक पर स्थान पाया।
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सीएसजेएमयू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
क्यूएस सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग 2026 में शहर के दो संस्थानों ने स्थान पाया है। बुधवार को जारी रैंकिंग में जहां आईआईटी कानपुर का ग्राफ गिरा है वहीं वैश्विक पटल पर छत्रपति शाहूजी महाराज विवि ने अपनी चमक बिखेरी है। 65 पायदान की गिरावट के साथ आईआईटी कानपुर को इस बार 310 रैंक मिली है, पिछले साल के मुकाबले सीएसजेएमयू 1251-1300 रैंक पर है। इससे पहले विवि 1501 के बैंड में शामिल था।
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एशिया स्तर पर कानपुर विश्वविद्यालय को 464वीं, देश में 56वीं और उत्तर प्रदेश में पहली रैंक मिली है। सीएसजेएमयू में रैंकिंग के साथ पैरामीटर के हर सेक्टर में सुधार हुआ है। गवर्नेंस श्रेणी में विवि की वैश्विक रैंक 939 से 546 हो गई। पर्यावरणीय प्रभाव में विवि ने 1001+ श्रेणी से उठकर 986 स्थान प्राप्त किया। राष्ट्रीय स्तर पर इसकी रैंक 40 से बढ़कर 31 हो गई। गुड गवर्नेंस के स्कोर में 50.8 से बढ़कर 80.4 का उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पर्यावरणीय शोध में 18.7 अंकों की वृद्धि, पर्यावरणीय स्थिरता में 13.4 अंकों की वृद्धि, स्वास्थ्य एवं कल्याण में 25.5 अंकों की वृद्धि और नॉलेज एक्सचेंज में 24.3 अंकों का सुधार दर्ज किया गया है। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा यह उपलब्धि टीम वर्क का परिणाम है। गुड गवर्नेंस श्रेणी में विवि ने देश में 15वां, पर्यावरणीय स्थिरता में 31वां, पर्यावरण प्रभाव श्रेणी में 50वां, समानता श्रेणी में 44वां स्थान पाया है। उन्होंने कहा कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद सीएसजेएमयू ने यह रैंक हासिल कर साबित कर दिया है कि सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और शासन-प्रणाली में लाए गए सुधार प्रभावी सिद्ध हो रहे हैं।
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वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार संस्थानों की संख्या बढ़ने से भी कई संस्थानों की रैंक गिरी है। 2026 की रैंकिंग में वैश्विक स्तर पर मूल्यांकन किए गए विवि की संख्या 1744 से बढ़कर 1994 हो गई थी। वहीं एशिया स्तर पर 662 से बढ़कर 827 और देश में 78 से बढ़कर 103 पहुंच गई है।
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आईआईटी कानपुर का देश में छठवां स्थान
क्यूएस सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग 2026 में आईआईटी कानपुर को दुनिया में 310वां स्थान मिला है। 2025 की रैंकिंग में संस्थान 245वें स्थान पर था। पिछली रैंकिंग में आईआईटी कानपुर देश में चौथे स्थान पर था, जबकि 2026 की रैंकिंग में संस्थान को छठवां स्थान मिला है। इस साल भी पिछले वर्ष की भांति आईआईटी दिल्ली देश में टॉप पर है लेकिन उसकी भी वैश्विक रैंक में गिरावट आई है। आईआईटी कानपुर को पर्यावरण में 177वां, सोशल इंपैक्ट में 542वां और गुड गवर्नेंस में 676वां स्थान मिला है। वहीं, इस साल आईआईटी मद्रास और दिल्ली यूनिवर्सिटी रैंक में आगे निकल गए हैं।