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कानपुर: वायु प्रदूषण से निपटने के नगर निगम के 87.41 करोड़ के 17 प्रस्तावों को आईआईटी की मंजूरी
Tue, 29 Jun 2021 10:41 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 29 Jun 2021 10:41 AM IST
सार
आईआईटी ने इनका अध्ययन कर नगर निगम को रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट के अनुसार आईआईटी ने 17 प्रस्ताव को वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए कारगर बताया, जबकि एक करोड़ की लागत से नए फव्वारे लगाने और मरम्मत के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
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लॉकडाउन के दौरान कम हुआ था वायु प्रदूषण
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर शहर को वायु प्रदूषण से छुटकारा दिलाने के लिए नगर निगम की 87.41 करोड़ की परियोजना पर आईआईटी ने मुहर लगा दी है। इसके तहत 18 कार्यों का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। एक करोड़ की लागत से 10 चौराहों पर नए फव्वारे लगाने और खराब फव्वारों की मरम्मत के प्रस्ताव को आईआईटी ने खारिज कर दिया है।
इसके पीछे संस्थान का तर्क है कि फव्वारे लगाने से वायु प्रदूषण कम होने का कोई प्रमाण नहीं है। नगर निगम ने 15वें वित्त आयोग से मिले धन में से वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए 18 कार्य कराने की रूपरेखा तैयार की थी। इनकी अनुमानित लागत 88. 41 करोड़ रुपये रखी गई।
पिछले महीने नगर निगम में महापौर प्रमिला पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन सभी प्रस्तावों की आईआईटी से जांच कराने के निर्देश दिए गए थे, ताकि पता चले कि कौन से प्रस्ताव वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए उपयोगी हैं और कौन अनुपयोगी।
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आईआईटी ने इनका अध्ययन कर नगर निगम को रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट के अनुसार आईआईटी ने 17 प्रस्ताव को वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए कारगर बताया, जबकि एक करोड़ की लागत से नए फव्वारे लगाने और मरम्मत के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। नगर निगम के अधिशासी अभियंता (प्रोजेक्ट) आरके सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
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इसके पीछे संस्थान का तर्क है कि फव्वारे लगाने से वायु प्रदूषण कम होने का कोई प्रमाण नहीं है। नगर निगम ने 15वें वित्त आयोग से मिले धन में से वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए 18 कार्य कराने की रूपरेखा तैयार की थी। इनकी अनुमानित लागत 88. 41 करोड़ रुपये रखी गई।
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पिछले महीने नगर निगम में महापौर प्रमिला पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन सभी प्रस्तावों की आईआईटी से जांच कराने के निर्देश दिए गए थे, ताकि पता चले कि कौन से प्रस्ताव वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए उपयोगी हैं और कौन अनुपयोगी।
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आईआईटी ने इनका अध्ययन कर नगर निगम को रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट के अनुसार आईआईटी ने 17 प्रस्ताव को वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए कारगर बताया, जबकि एक करोड़ की लागत से नए फव्वारे लगाने और मरम्मत के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। नगर निगम के अधिशासी अभियंता (प्रोजेक्ट) आरके सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
इन कार्यों से नियंत्रित करेंगे वायु प्रदूषण
कार्य का नाम लागत
मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों की खरीद दो करोड़
मेट्रो स्टेशन पर वाहन चार्जिंग स्टेशन एक करोड़
यातायात व्यवस्था में सुधार पांच करोड़
पार्कों, ग्रीनबेल्ट, फुटपाथ आदि में पौधरोपण 9.50 करोड़
मृत पशुओं के लिए विद्युत शवदाह गृह पांच करोड़
सड़कों को गड्ढा मुक्त करने वाली मशीन तीन करोड़
चौराहों का चौड़ीकरण, सुंदरीकरण दो करोड़
मुख्य मार्गों का चौड़ीकरण व फुटपाथ सुधार 36.88 करोड़
सिद्धनाथ घाट में विद्युत शवदाह गृह निर्माण पांच करोड़
वायु प्रदूषण रोकने को प्रचार-प्रसार 50 लाख
पार्कों को विकसित करना छह करोड़
प्रदूषण नियंत्रण के लिए मशीन खरीद एक करोड़
आईआईटी की योजनाओं में सुधार 40 लाख
एयर प्यूरीफायर सिस्टम की स्थापन 50 लाख
एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन की स्थापना 8.05 करोड़
भगवतदास, भैरवघाट विद्युत शवदाहगृह मरम्मत 50 लाख
प्रदूषण मुक्त लकड़ी आधारित शवदाहगृह निर्माण 1.08 करोड़
कार्य का नाम लागत
मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों की खरीद दो करोड़
मेट्रो स्टेशन पर वाहन चार्जिंग स्टेशन एक करोड़
यातायात व्यवस्था में सुधार पांच करोड़
पार्कों, ग्रीनबेल्ट, फुटपाथ आदि में पौधरोपण 9.50 करोड़
मृत पशुओं के लिए विद्युत शवदाह गृह पांच करोड़
सड़कों को गड्ढा मुक्त करने वाली मशीन तीन करोड़
चौराहों का चौड़ीकरण, सुंदरीकरण दो करोड़
मुख्य मार्गों का चौड़ीकरण व फुटपाथ सुधार 36.88 करोड़
सिद्धनाथ घाट में विद्युत शवदाह गृह निर्माण पांच करोड़
वायु प्रदूषण रोकने को प्रचार-प्रसार 50 लाख
पार्कों को विकसित करना छह करोड़
प्रदूषण नियंत्रण के लिए मशीन खरीद एक करोड़
आईआईटी की योजनाओं में सुधार 40 लाख
एयर प्यूरीफायर सिस्टम की स्थापन 50 लाख
एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन की स्थापना 8.05 करोड़
भगवतदास, भैरवघाट विद्युत शवदाहगृह मरम्मत 50 लाख
प्रदूषण मुक्त लकड़ी आधारित शवदाहगृह निर्माण 1.08 करोड़