फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Heart attack can occur even when hearts pumping is normal cardiology research has found weak relaxation

Kanpur: हार्ट की पंपिंग नॉर्मल होने पर भी आ सकता है अटैक; कार्डियोलॉजी के शोध में 'कमजोर शिथिलन' बना बड़ा कारण

Fri, 27 Feb 2026 09:53 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Fri, 27 Feb 2026 09:53 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर कार्डियोलॉजी के अध्ययन में सामने आया है कि 50% मरीजों में हार्ट फेल्योर का कारण हृदय का ठीक से न फैलना है। विशेषज्ञ अब पंपिंग के साथ-साथ 'रिलेक्सेशन' की जांच को भी अनिवार्य मान रहे हैं।

विज्ञापन
Kanpur Heart attack can occur even when hearts pumping is normal cardiology research has found weak relaxation
एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट - फोटो : amar ujala

विस्तार

हृदय की पंपिंग सामान्य हो, लेकिन शिथिलन कम हो तो भी अचानक हार्ट फेल हो सकता है। संकुचन से होने वाली पंपिंग सामान्य होने पर हृदय की कार्यक्षमता दुरुस्त समझना गलत है। चिकित्सा विज्ञानियों को कमजोर शिथिलन से हार्ट फेल होने का एक नया कारण मिला है। एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के 350 रोगियों के अध्ययन में 50 फीसदी से अधिक रोगियों में कमजोर शिथिलन कारण मिला। मोटापाग्रस्त, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों में यह समस्या पाई गई।

विज्ञापन

अभी तक हृदय की कार्यक्षमता का आकलन इसके पंपिंग पावर यानी संकुचन से किया जा रहा था लेकिन हृदय के शिथिलन से (रिलेक्सेशन) हार्ट फेल के कारण के संबंध में ध्यान कम दिया गया। चिकित्सा विज्ञानियों को ताजा शोध में 50 फीसदी से अधिक रोगियों में शिथिलन कारण मिला है। इस संबंध में शोध करने वाले कार्डियोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. अवधेश शर्मा ने बताया कि डेढ़-दो साल पहले अमेरिकी चिकित्सा विज्ञानियों ने अपने शोध में कमजोर शिथिलन को हार्ट फेल का कारण पाया था। इस पर शोध भी प्रकाशित हुआ।

विज्ञापन

हृदय की पंपिंग क्षमता भी सामान्य रही
उन्होंने बताया कि कार्डियोलॉजी में भी 350 रोगियों पर शोध किया गया। इनमें 175 महिला और 175 पुरुष रोगी रहे हैं। इनका आयु वर्ग 45 से 75 वर्ष के बीच था। यह समस्या मोटापा ग्रस्त, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों में अधिक रही हैं। हृदय की ईसीजी, इको आदि जांचें सामान्य आईं। हृदय की पंपिंग क्षमता भी सामान्य रही है। इसके बाद भी रोगियों के पैरों में सूजन, थकान आना, सांस फूलना आदि लक्षण रहे हैं। बाद में जांच करने पर इनके शिथिलन में कमी पाई गई।  हार्ट फेल के इस नए कारण पर हाल में लखनऊ में हुई कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी आफ इंडिया की कॉंफ्रेंस में भी मंथन किया गया।

खून में बढ़ने लगता है बीएनपी
इसके लिए गाइडलाइन तैयार की गई। इसमें कहा गया कि अगर रोगी में इस तरह के लक्षण हैं और रूटीन जांचें सामान्य आ रही हैं तो शिथिलन संबंधी जांच कराई जाएं। कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में आए रोगियों पर अध्ययन एक साल के अरसे में किया गया। कमजोर शिथिलन वाले रोगियों में पंपिंग से सारा खून शरीर में नहीं जाता। कुछ हृदय में रुका रहता है। इसके लक्षण पैरों में सूजन, सांस फूलने से आते हैं। इस पर बीएनपी टेस्ट कराया जाता है। यह बायो केमिकल पैरामीटर है। जब शिथिलन की दिक्कत होती है, तो खून में बीएनपी बढ़ने लगता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed