Kanpur Adoption Case: अब कोटा निरस्त करने का प्रार्थनापत्र, सुनीता बोली- बच्ची को किया दूर...नहीं है अधिकार
Kanpur Crime: नवाबगंज थाना क्षेत्र में नवजात बच्ची का गोदनामा कराने के मामला अब सम्मान की लड़ाई बन चुका है। सुनीता ने वर्षा के पिता का कोटा निरस्त कराने के लिए डीएम को प्रार्थनापत्र दिया है। उसने कहा है कि बच्ची को मां से दूर करने वाले को कोटा संचालन का अधिकार नहीं है।
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कानपुर के नवाबगंज में नन्हीं विजेता के गोदनामे का मामला अब सम्मान की लड़ाई का रूप ले चुका है। दोनों पक्ष एक-दूसरे को मात देने में जुट गए हैं। विजेता को जन्म देने वाली अवर्षा को कमजोर करने के लिए अब उनके राशन कोटे को निशाने पर लिया है।
बुधवार को उन्होंने डीएम को प्रार्थनापत्र सौंपकर उनके पिता राजेंद्र प्रसाद त्रिवेदी के नाम से नवाबगंज में संचालित राशन कोटे को निरस्त कराने की मांग की है। पहलवानपुरवा निवासी सुनीता शुक्ला ने प्रार्थनापत्र में बताया कि वह कोटेदार राजेंद्र प्रसाद के यहां से राशन लेती आ रही हैं।
कोटे का संचालन उनकी बेटी वर्षा करती हैं। आरोप लगाया कि वर्षा ने 30 जनवरी को उनके साथ धोखाधड़ी करके नवजात बच्ची का गोदनामा बनवाकर बच्ची का अपहरण कर लिया था। इस संबंध में नवाबगंज थाने में अपहरण, धोखाधड़ी और धमकाने की धाराओं में रिपोर्ट भी दर्ज है।
डीएम ने दिया जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
इस मुकदमे में वर्षा व राजेंद्र प्रसाद दोनों ही आरोपी हैं। उन्होंने राशन दुकान के आवंटन के समय दिए गए शपथपत्र का उल्लंघन बताते हुए कोटा निरस्त करने की मांग की। डीएम ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। सुनीता ने बताया कि जब से उनकी बच्ची को वर्षा ले गई है, तब से उनकी गांव में उनकी बहुत बदनामी हो रही है।
बच्ची की वजह से गांव में हो रही बदनामी
सुनीता ने बताया कि जब से उनकी बच्ची को वर्षा ले गई है, तब से उनकी गांव में उनकी बहुत बदनामी हो रही है। बताया वह मूलरूप से गोंडा की रहने वाली है। वहीं से उनके राशन पानी का इंतजाम होता है। अब गांव वाले बच्ची को बेचने का आरोप लगाकर ताने मारते हैं। इस वजह से उन्होंने गांव जाना बंद कर दिया है।