कानपुर में सावन के तीसरे सोमवार को चेतावनी रस्सी पार कर गंगा में नहा रहे तीन किशोर समेत चार लोग गहराई में फंसकर डूब गए, जबकि चार अन्य की जान बचाई गई। यह हादसा सोमवार तड़के बिठूर के गुदारा घाट और शाम को ढोड़ी घाट पर हुआ। गुदारा घाट पर सोमवार तड़के मौसेरे भाई आशिक (16) और सतीश (18) नहाने गए और डूब गए। उनके साथी अभिषेक और राकेश को गोताखोरों ने बचाया।
ढोड़ी घाट पर शिवा (17) और अहिरवां निवासी कृष्णा (15) गहराई में समा गए। उनके दोस्त विराग और सूर्या की जान बचाई गई। पुलिस और जल पुलिस ने चारों की तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। चकरपुर मंडी क्षेत्र के अभिषेक सोनकर सोमवार तड़के चचेरे भाई आशिक, मौसेरे भाई सतीश, दोस्त राकेश, करन, लकी और सनी के साथ बाइक से गंगा स्नान करने बिठूर पहुंचे।
2 of 7
बिठूर गंगा स्नान हादसा
- फोटो : amar ujala
चेतावनी रस्सी पार कर गहरे पानी में नहाने चले गए
करीब चार बजे सभी गुदारा घाट पर बैरिकेडिंग के लिए लगाई गई चेतावनी रस्सी पार कर गहरे पानी में नहाने के लिए चले गए। अचानक आशिक, सतीश, अभिषेक और राकेश गहरे पानी में डूबने लगे। शोर सुनकर साथियों ने गोताखोरों की मदद से अभिषेक और राकेश को समय रहते बाहर निकाल लिया, लेकिन आशिक और सतीश डूब गए। वहीं अहिरवां राजा मार्केट निवासी कृष्णा और पटेल नगर निवासी शिवा लाल बंगला की किराना की दुकान में काम करते हैं।
3 of 7
बिठूर गंगा स्नान हादसा
- फोटो : amar ujala
लोहे के पाइप में चढ़कर गंगा में कूदने लगे चारों
कृष्णा की बहन जूही ने पुलिस को बताया कि सोमवार शाम करीब पांच बजे वह कृष्णा, शिवा और उनके दोस्त विराग और सूर्या के साथ ढोड़ी घाट पहुंचीं। वहां वह लोग गंगा नहाने के लिए पानी में उतरे। स्नान कर वह उन लोगों के बाहर आने के लिए कहकर कपड़े बदलने चली गईं। इसी दौरान चारों लोग घाट की सीढि़यों पर लगे लोहे के पाइप में चढ़कर गंगा में कूदने लगे। इसी दौरान गहरे में जाने से चारों डूबने लगे।
4 of 7
बिठूर गंगा स्नान हादसा
- फोटो : amar ujala
सर्च अभियान जारी रहेगा
किसी तरह सूर्या और विराग कड़ी मशक्कत कर बाहर निकल आए। वहीं, कृष्णा और शिवा गहरे में जाने से डूब गए। घाट के आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि घाट पर लगी बैरीकेडिंग पार कर लोहे के पाइप से कूदकर चारों नहा रहे थे, तभी हादसे का शिकार हो गए। एडीसीपी शिवा सिंह ने बताया कि गंगा स्नान के दौरान दो किशोर डूबे हैं, उनके खोजबीन के लिए लगातार प्रयास जारी है। एनडीआरएफ की टीम भी देर रात तक पहुंच जाएगी लगातार सर्च अभियान जारी रहेगा।
5 of 7
बिठूर गंगा स्नान हादसा
- फोटो : amar ujala
बहन बोली- भैया को बुलाओ, राखी बांधूंगी
सतीश मूलरूप से उन्नाव के गदनखेड़ा का रहने वाला है। पिता बेचेलाल की मौत के बाद वह मां अनीता के साथ चकरपुर मंडी के पास रहने लगा। सब्जी की आढ़त पर मजदूरी कर परिवार का सहारा बना। बेटे के गंगा में लापता होने की खबर मिलते ही अनीता गमगीन हैं। वहीं आशिक के डूबने की सूचना पर पिता गोविंद, मां रानी और बहन शालू बदहवास हो गए। बहन शालू बार-बार यही कहती रही, कि मेरे भैया को बुलाओ, मैं उसे राखी बांधूंगी।