फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur four Orphan Rescued from Clutches of Uncle and Aunt Businessman Rajat Steps Up as Uncle

UP: चाचा-चाची के चंगुल से छूटे अनाथ, व्यापारी रजत बने 'मामा', बोले- भांजी को पढ़ाऊंगा, घर लगा बिजली कनेक्शन

Thu, 21 May 2026 07:09 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रसून शुक्ला Updated Thu, 21 May 2026 07:09 PM IST
सार

Kanpur News: पुरमावीर गांव में चाचा-चाची की प्रताड़ना से मुक्त हुए चार अनाथ बच्चों की मदद के लिए प्रशासन और व्यापार मंडल आगे आया है। बच्चों को राशन, बिजली कनेक्शन और शिक्षा की व्यवस्था कराई गई है।

विज्ञापन
Kanpur four Orphan Rescued from Clutches of Uncle and Aunt Businessman Rajat Steps Up as Uncle
क्रूरता का शिकार बने चारों बच्चों को मिली आजादी - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में महाराजपुर क्षेत्र के पुरमावीर गांव में मां-बाप की मौत के बाद चार मासूम बच्चों के अपने बेगाने हो गए। हालांकि, प्रशासनिक अमला व समाज के अच्छे लोग बच्चों की मदद के लिए आगे बुधवार को बच्चों के घर में बिजली का कनेक्शन हुआ। घर के सबसे बड़े सदस्य 14 वर्षीय किशोर का कक्षा नौ में सरकारी स्कूल में दाखिला हुआ। चारों बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। 

विज्ञापन

अनाज बर्तन, साइकिल, पंखा, कपड़े, चप्पल सहित उनके रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी अन्य सामग्रियां बच्चों को दी गईं। पुरमावीर गांव निवासी तीन सगे भाइयों और एक बहन को मां-बाप की मौत के बाद चाचा-चाची और बुआ प्रताड़ित करते थे। बीते गुरुवार को बड़े भाई ने पुलिस को फोन किया, तो प्रताड़ना का सच सामने आया और चारों को मुक्ति मिली। 

विज्ञापन
विज्ञापन

भाई-बहन अच्छे से पढ़ाई करें और आगे बढ़ें

जिला प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से चारों बच्चों की जिंदगी अब धीरे-धीरे पटरी पर आ रही है। किशोर ने कहा कि उसकी और उसके भाइयों-बहन की मदद के लिए जो अफसर और सामाजिक कार्यकर्ता आगे आए हैं, वह उनका हमेशा आभारी रहेगा। कोशिश यही करेगा कि वह और उसके भाई-बहन अच्छे से पढ़ाई करें और आगे बढ़ें।

विज्ञापन

व्यापारी रजत बने बच्चों के मामा, बोले- बिटिया को मैं पढ़ाऊंगा

बच्चों से मिलने के लिए उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष महेश वर्मा और महामंत्री रजत पांडेय पहुंचे। 14 वर्षीय किशोर ने कहा कि उसके मामा नहीं हैं। ननिहाल पक्ष में भी कोई नहीं है। यदि ननिहाल में कोई होता तो वह अपने भाइयों और बहन को लेकर वहीं चला जाता और  चाचा-चाची की प्रताड़ना से सब बच जाते। इस पर रजत पांडे ने कहा कि रिश्ते बनाने से बनते हैं। 

बच्चों का भविष्य बेहतर हो सके

हमारे भांजे नहीं हैं और तुम्हारे मामा नहीं हैं। आज से तुम सबका मामा मैं हूं। रजत ने कहा कि बच्चों की बहन का दाखिला वह प्राइवेट स्कूल में कराएंगे और उसकी देखरेख की जिम्मेदारी उठाएंगे। महेश वर्मा ने व्यापारियों से बच्चों की मदद अपील करते हुए कहा कि जिससे जो बन पड़े वह करे, ताकि बच्चों का भविष्य बेहतर हो सके।

चप्पल में बना कार्टून देखता रहा छोटा भाई

व्यापारियों ने बच्चों को उनकी जरूरत की सामग्री दी तो चप्पल में बने कार्टून के चित्र को चार वर्षीय बच्चा बिना पलक झपकाए देखता रह गया। पूछने पर उसने कहा कि उसके पास टीवी या मोबाइल फोन नहीं है इसलिए कार्टून के बारे में नहीं जानता है। फिर भी चप्पल पर बना चित्र बहुत अच्छा लग रहा है। इस बीच बच्चों के घर महाराजपुर थाने के पुलिसकर्मी भी सुबह- शाम आ रहे हैं। चारों बच्चे पुलिसकर्मियों से इतने घुल-मिल गए हैं कि वह उनसे खूब बातें करते रहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed