फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur: Former Mayor Anil Sharma died

पूर्व महापौर अनिल शर्मा का निधन, गजब खानदानी रसूख और अपनी अदा से सियासत, राष्ट्रपति भवन में हुई थी शादी की पार्टी

Sun, 02 May 2021 01:02 PM IST
शिखा पांडेय शैलेश अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
शैलेश अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 02 May 2021 01:02 PM IST
सार

कानपुर में कई आवासीय योजनाएं अनिल शर्मा की देन हैं। एक समय तो यह कहा जाता था कि उत्तर प्रदेश की कांग्रेस तो रतनलाल चलाते हैं। 

विज्ञापन
Kanpur: Former Mayor Anil Sharma died
पूर्व मेयर अनिल शर्मा की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर के पूर्व मेयर अनिल शर्मा को उनके अजीज प्यार से उन्हें अन्नी भैया कहते थे। उनके निधन ने उनके प्रियजनों के साथ सियासी गलियारों में भी शोक भर दिया है। अनिल के पिता रतनलाल शर्मा भी 70 के दशक में कानपुर के मेयर थे। वह कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में थे। कानपुर के विकास और विस्तार में उनका अहम योगदान रहा।
विज्ञापन


मूलरूप से यह शर्मा परिवार राजस्थान का है, पर कोई 70 साल पहले रतनलाल शर्मा कानपुर आए और बड़ा कारोबार जमाया। फजलगंज में बड़ी ऑयल मिल, डिप्टी पड़ाव में कोल्ड स्टोरेज के अलावा और भी कई कारोबार से अपनी साख बढ़ाई। वह डिप्टी मेयर और मेयर रहे।
विज्ञापन


कानपुर में कई आवासीय योजनाएं उनकी देन हैं। एक समय तो यह कहा जाता था कि उत्तर प्रदेश की कांग्रेस तो रतनलाल चलाते हैं। न जाने कितने नेता तैयार किए और बहुतेरों की आर्थिक मदद करते रहे। अनिल शर्मा की शादी में इंदिरा गांधी सहित कई दिग्गज नेता शामिल हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरी ने अपने सरकारी आवास में अनिल शर्मा को शादी की पार्टी दी थी और उसमें भी कई नेताओं ने शिरकत की थी। अनिल शर्मा के ताऊ हरि शर्मा दो बार अलवर (राजस्थान) के सांसद रहे। अनिल शर्मा की बहन जेपी इंडस्ट्रीज घराने की बहू हैं। बेटी की भी उसी परिवार में शादी हुई है।

राजनीतिक सफर
अनिल शर्मा ने कांग्रेस के टिकट पर मेयर का चुनाव लड़ा और तब की सिटिंग मेयर दिग्गज नेत्री सरला सिंह का हराया। पांच साल जमकर काम किया, लेकिन राजनीतिक दांवपेच के चलते दूसरी बार उनका टिकट कट गया। इसके बाद वह आर्यनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़े पर हार गए। पार्टी ने उन्हें बड़े पद ऑफर किए पर उन्होंने इनकार कर दिया।

सूअर हटाओ अभियान
अपने मेयर कार्यकाल के दौरान अनिल शर्मा ने सूअर हटाओ अभियान शुरू किया और अंजाम तक पहुंचाया। वह खुद दलबल के साथ खड़े होते और सूअर पकड़वाते। इस अभियान की गूंज विदेश की मीडिया तक में हुई और इससे इन्हें बहुत लोकप्रियता मिली।

जवाहरपुराम बसाया
जवाहरपुराम आवास योजना अनिल शर्मा की ही देन है। इसके अलावा कोपरगंज-घंटाघर पक्की सड़क और छापेड़ा पुलिया-पक्की सड़क भी अनिल शर्मा ने सामने खड़े होकर बनवाई। फूलबाग में गांधी प्रतिमा पर छतरी और मोतीझील में राजीव वाटिका भी उनके मेयर कार्यकाल की देन है।

विपक्ष के नेताओं के प्रिय
अनिल शर्मा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी समेत कुशाभाऊ ठाकरे, विष्णुकांत शास्त्री, लालू प्रसाद यादव के भी करीबी थे। कांग्रेस में शीला दीक्षित, अशोक गहलोत के अलावा आलाकमान के कई नेताओं से पारिवारिक संबंध थे।

अक्खड़ पर मस्त
अन्नी भैया दोस्त के लिए कुछ भी कर सकते थे। कुछ नेता, कारोबारी और पत्रकारों से उनकी गहरी दोस्ती थी। वह कोई व्यक्तिगत फैसला भी मित्रों से मशविरे के बाद लेते थे। वह अपनी अदा, अपनी जिद और अपने सिद्धांत पर राजनीति करते थे, इसलिए ज्यादातर स्थानीय नेताओं से दूरी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed