{"_id":"63d8e69e9e9e1e741b28499b","slug":"kanpur-form-of-recovery-in-the-name-of-posting-in-dial-112-goes-viral-2023-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur: डायल 112 में पोस्टिंग के नाम पर वसूली का पर्चा वायरल, पुलिस कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur: डायल 112 में पोस्टिंग के नाम पर वसूली का पर्चा वायरल, पुलिस कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश
Tue, 31 Jan 2023 03:39 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 31 Jan 2023 03:39 PM IST
विज्ञापन
वायरल हुआ पर्चा
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में नौबस्ता थाने की दीवार से लेकर भाजपा के दक्षिण कार्यालय तक रविवार रात किसी ने पुलिस विभाग में हो रही वसूली की पोल खोलते हुए एक पर्चे की फोटो कॉपी कई जगह चस्पा कर दी। सोमवार सुबह लोगों ने पर्चे की फोटो खींचकर वायरल की।
पर्चे में डायल 112 के एक अफसर द्वारा तीन दरोगाओं के साथ मिलकर पुलिस कर्मियों से ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर वसूली करने का आरोप लगाया है। पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड के आदेश पर आरोपों की जांच डीसीपी मुख्यालय रवीना त्यागी करेंगी। वायरल पर्चे में लिखा है कि डॉयल-112 में तैनात पुलिस कर्मियों से डेढ़ साल से वसूली की जा रही है।
पहले पीआरवी का औचक निरीक्षण करके जरा सी लापरवाही पर कम से कम रोजाना दो से तीन गाड़ियों की रपट लिखाई जाती है, इसके बाद कैरेक्टर रोल खराब करने की धमकी देकर प्रति पुलिसकर्मी से 10 से 15 हजार रुपये वसूले जाते हैं। पीआरवी पर तैनाती के नाम पर 20 से 30 हजार लिए जाते हैं। फर्जी शिकायतों में क्लीनचिट देने के नाम पर उगाही हो रही है। हाईवे पर तैनात रहने वाले गाड़ियों के पुलिसकर्मियों से और भी वसूली होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पर्चे में डायल 112 के एक अफसर द्वारा तीन दरोगाओं के साथ मिलकर पुलिस कर्मियों से ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर वसूली करने का आरोप लगाया है। पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड के आदेश पर आरोपों की जांच डीसीपी मुख्यालय रवीना त्यागी करेंगी। वायरल पर्चे में लिखा है कि डॉयल-112 में तैनात पुलिस कर्मियों से डेढ़ साल से वसूली की जा रही है।
विज्ञापन
पहले पीआरवी का औचक निरीक्षण करके जरा सी लापरवाही पर कम से कम रोजाना दो से तीन गाड़ियों की रपट लिखाई जाती है, इसके बाद कैरेक्टर रोल खराब करने की धमकी देकर प्रति पुलिसकर्मी से 10 से 15 हजार रुपये वसूले जाते हैं। पीआरवी पर तैनाती के नाम पर 20 से 30 हजार लिए जाते हैं। फर्जी शिकायतों में क्लीनचिट देने के नाम पर उगाही हो रही है। हाईवे पर तैनात रहने वाले गाड़ियों के पुलिसकर्मियों से और भी वसूली होती है।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर वायरल हुए पर्चे का संज्ञान लिया गया है। इस मामले में शासन को भी पत्र भेजा जा चुका है। पीआरवी के पुलिस कर्मियों से वसूली के आरोप की जांच डीसीपी मुख्यालय रवीना त्यागी को दी गई है। जांच त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से हो ताकि सही एवं प्रभावी कार्रवाई अविलंब की जा सके।- बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर