Kanpur Fire: सांसद रामशंकर कठेरिया- डीएम ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया, जेसीबी से छप्पर न गिराते..तो
कानपुर अग्निकांड के दूसरे दिन मंगलवार को मड़ौली गांव में तनाव का माहौल रहा। इस बीच सांसद रामशंकर कठेरिया ने कानपुर देहात महोत्सव और डीएम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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कानपुर देहात के मडौली गांव में मां बेटी की प्रशासन द्वारा कब्जा हटाने के दौरान जलकर हुई मौत की घटना पर इटावा सांसद डॉ. राम शंकर कठेरिया ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि पीड़ित परिवार के डीएम नेहा जैन से कई बार मिलने के बाद भी उसकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया।
इसके चलते घटना घटी है। ऐसे डीएम को जिले में रहने का कोई मतलब नही है। घटना को मुख्यमंत्री जी संज्ञान में शायद ले रहे। घटना के सम्बंध में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी को और भी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने जिले में मनाए गए महोत्सव कार्यक्रम पर भी प्रतिक्रिया दी।
महोत्सव की जांच होनी चाहिए: सांसद
उन्होंने कहा कि उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह जान बूझ कर कार्यक्रम में नही पहुंचे क्योंकि कार्यक्रम के आयोजन के नाम पर लोंगो से चंदे के नाम धन वसूल किया गया। योजनाओं के प्रचार के बजाए मनोरंजन के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसकी जांच होना चाहिए।
जेसीबी से छप्पर न गिराते, तो बच जाता हादसा
मड़ौली में कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान जब झोपड़ी में आग लगी तब जेसीबी चालक जलता छप्पर न ढहाता तो हादसा बच सकता था। जिसने भी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखा। उसने यहीं बात कही। मड़ौली की घटना में जेसीबी चालक ने जिस तरह से ऐन वक्त पर छप्पर गिरा दिया।
इससे भारी छप्पर के नीचे मां-बेटी दब गई और आग बढ़ गई। घटना का वीडियो वायरल हुआ है। इसको देखकर लोगों का कहना है कि कोई जेसीबी चालक को छप्पर गिराने के लिए कह रहा है। इसके बाद जेसीबी चालक ने सूपडा मारकर जलता छप्पर गिरा दिया। भारी छप्पर के नीचे मां बेटी दबकर जलने लगी।
छप्पर में लगी आग बढ़ गई, लेकिन इसके बाद लोग व परिजन चिल्लाते रहे। जेसीबी चालक ने मलबा हटाना जरूरी नहीं समझा। इधर अफसर व पुलिस कर्मी भाग निकले। लोगों का कहना है कि जेबीसी से छप्पर न ढहाया जाता, तो हादसा बच जाता।