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ऐसी बेबसी: आग में जिंदा जला डाउन सिंड्रोम से पीड़ित 10 वर्षीय आरुष, लपटों से घिरा रहा न चिल्ला सका और न चल सका
Fri, 05 Apr 2024 09:52 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 05 Apr 2024 09:52 AM IST
सार
Kanpur News: दिल को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। एयरफोर्स स्टेशन के आवासीय परिसर स्थित सार्जेंट के कमरे में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में दस वर्षीय बेटा जिंदा जल गया। पीठ छोड़कर शरीर का 85 फीसदी हिस्सा झुलस गया था। बच्चे का शव देख मां बेहोश हो गई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर में एयरफोर्स स्टेशन के आवासीय परिसर में शाॅर्ट सर्किट से आग लगने से सार्जेंट के बेटे आरुष की दर्दनाक मौत हुई है। डाउन सिंड्रोम नामक बीमारी के चलते वह न तो बोल सकता था और न ही चल सकता था। जिस हालत में रात को उसे लिटाया गया था, उसी हालत में सुबह उसका जला शव मिला। हर कोई उसकी बेबसी से सिहर उठा कि इतनी असहनीय पीड़ा के बाद भी बेचारा चिल्ला तक न सका।
एयरफोर्स में सार्जेंट प्रमोद कुकशाल ने बताया कि उनका बड़ा बेटा आरुष डाउन सिंड्रोम नामक बीमारी जूझ रहा था। इस कारण वह बोल नहीं सकता था। चलने-फिरने में भी असमर्थ था। उसे बुधवार रात एक कमरे में सुला दिया गया था। दूसरे कमरे में वे छोटे बेटे और पत्नी के साथ सो रहे थे। तड़के कब आग लगी, उन्हें पता ही नहीं चला।
घर में धुआं भर जाने पर घुटन हुई तो उनकी नींद खुली। आरुष के कमरे में जाकर देखा तो जिस हालत में उसे लिटाया था, उसी हालत में उसका जला शव पड़ा था। उसके शरीर का 85 फीसदी हिस्सा झुलस गया था। सीधा लेटा होने की वजह से उसकी पीठ ही सुरक्षित बची थी। बच्चे का शव देखते ही उसकी मां गश खाकर गिर गई। उसका रो-रोकर हाल बेहाल रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज।
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एयरफोर्स में सार्जेंट प्रमोद कुकशाल ने बताया कि उनका बड़ा बेटा आरुष डाउन सिंड्रोम नामक बीमारी जूझ रहा था। इस कारण वह बोल नहीं सकता था। चलने-फिरने में भी असमर्थ था। उसे बुधवार रात एक कमरे में सुला दिया गया था। दूसरे कमरे में वे छोटे बेटे और पत्नी के साथ सो रहे थे। तड़के कब आग लगी, उन्हें पता ही नहीं चला।
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घर में धुआं भर जाने पर घुटन हुई तो उनकी नींद खुली। आरुष के कमरे में जाकर देखा तो जिस हालत में उसे लिटाया था, उसी हालत में उसका जला शव पड़ा था। उसके शरीर का 85 फीसदी हिस्सा झुलस गया था। सीधा लेटा होने की वजह से उसकी पीठ ही सुरक्षित बची थी। बच्चे का शव देखते ही उसकी मां गश खाकर गिर गई। उसका रो-रोकर हाल बेहाल रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज।
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