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सफाईकर्मी महिला का कारनामा: मृत कर्मी की ‘फर्जी पत्नी' बन लेती रही पेंशन, 9.09 लाख की लगाई चपत, ऐसे हुआ खुला

Sat, 22 Aug 2026 07:44 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sat, 22 Aug 2026 07:44 AM IST
सार

Kanpur Nagar Nigam Pension Scam: सेवानिवृत्त मोटर फिलर लक्ष्मी की मौत के करीब नौ साल बाद, लक्ष्मिन नाम की एक महिला खुद को उनकी पत्नी बताकर लगातार पारिवारिक पेंशन उठा रही थी। जबकि कर्मचारी की असली पत्नी का निधन 20 साल पहले ही हो चुका था। सीएफएओ की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी महिला खुद नगर निगम से सेवानिवृत्त सफाई कर्मी है और उसने फर्जी दस्तावेजों के सहारे 9.09 लाख रुपये की पेंशन हड़पी है।

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Kanpur Female sanitation worker posed as deceased employee fake wife to draw pension defrauded 9.09 lakh
कानपुर नगर निगम - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर नगर निगम में पारिवारिक पेंशन में फर्जीवाड़ा सामने आया है। रबिश विभाग से सेवानिवृत्त हुए एक कर्मचारी की पेंशन नौ साल तक उसकी फर्जी पत्नी बनकर एक महिला उठाती रही। खास बात यह कि कर्मचारी की असली पत्नी की 20 साल पहले ही मौत हो चुकी है। महिला ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए विभाग को गुमराह कर पारिवारिक पेंशन स्वीकृत कराई और नगर निगम को 9.09 लाख रुपये की चपत लगाई।

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मामले में संबंधित विभाग के कुछ कर्मियों की मिलीभगत भी उजागर हुई है। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाले रबिश विभाग में मोटर फिलर के पद पर कार्यरत लक्ष्मी पुत्र बाबू 28 फरवरी 2010 को सेवानिवृत्त हुए थे। लक्ष्मी ने सेवानिवृत्ति के समय खुद ही घोषित किया था कि उनकी पत्नी रातो देवी का निधन करीब 20 वर्ष पहले हो चुका है।

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नगर निगम से पारिवारिक पेंशन की मांग की
उन्होंने अपने पुत्र सुजीत को नॉमिनी बनाया था।  लक्ष्मी की मृत्यु 26 फरवरी 2017 को हुई थी। उसके बाद लक्ष्मिन नाम की एक महिला ने खुद को लक्ष्मी की पत्नी बताते हुए नगर निगम से पारिवारिक पेंशन की मांग की। स्वास्थ्य विभाग के पटल सहायक की संस्तुति के आधार पर वित्त विभाग से 27 दिसंबर 2017 से नगर निगम पारिवारिक पेंशन का भुगतान लक्ष्मिन पत्नी लक्ष्मी के रूप में किया जाने लगा।

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किसी को भनक तक नहीं लगी
करीब नौ साल तक वह पेंशन उठाती रही और किसी को भनक तक नहीं लगी। चीफ फाइनेंस एंड अकाउंट ऑफिसर (सीएफएओ) की जांच में मामले का खुलासा हुआ। नगर निगम के मुख्य नगर लेखा परीक्षक ने 10 जून 2026 को जांच के बाद आपत्ति उठाई कि लक्ष्मिन गलत तरीके से पेंशन ले रही है। इसकी जानकारी नगर आयुक्त को दी तो उन्होंने कार्रवाई के लिए चीफ फाइनेंस एंड अकाउंट ऑफिसर को निर्देश दिए हैं।

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खुद भी थी सफाई कर्मी, ले रही थी पेंशन
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि महिला ने अपने दावे के समर्थन में एसडीएम सदर कार्यालय का पारिवारिक सजरा प्रस्तुत किया था जिसे पार्षद से प्रमाणित बताया गया था। प्राथमिक जांच में सजरा भी कूटरचित प्रतीत हुआ। यह भी सामने आया कि महिला खुद नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में सफाई कर्मी रह चुकी है और 2016 में सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी अलग पेंशन भी प्राप्त कर रही थी। उसकी सेवा पत्रावली में पति का नाम सत्यनारायण दर्ज है जबकि वह मृतक लक्ष्मी की पत्नी बनकर पारिवारिक पेंशन ले रही थी।

कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल
वरिष्ठ लिपिक की रिपोर्ट में रबिश विभाग के पटल सहायक की भूमिका पर सवाल उठे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आवश्यक तथ्यों का सही परीक्षण नहीं किया गया। इस वजह से वर्षों तक फर्जीवाड़ा चलता रहा। हालांकि चीफ फाइनेंस एंड अकाउंट ऑफिसर ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में अकाउंट विभाग को दोषमुक्त बताते हुए जिम्मेदारी मुख्य रूप से संबंधित विभाग की संस्तुति प्रक्रिया पर डाली है। उनके अनुसार रबिश विभाग ने पत्रावली का परीक्षण और अनुमोदन नियमानुसार नहीं किया।

मामले की जांच कराई जा रही है। आरोपी महिला के अलावा जांच में जो भी कर्मी या अधिकारी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी महिला से पेंशन की रिकवरी भी की जाएगी।  -अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त

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