कानपुर: बेगुनाह भाइयों को किया टॉर्चर, थाने में जमकर पीटा, महिला दरोगा निलंबित
कानपुर में शक के आधार पर पुलिस दो भाइयों को थाने उठा ले गई थी। थाने में दोनों को जमकर पीटा। उसके बाद उनके घर पर जाकर बवाल किया। मामले में महिला दरोगा को निलंबित कर दिया गया है।
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कानपुर में किदवई नगर पुलिस शक के आधार पर दो भाइयों (चचेरे) को बुधवार रात थाने उठा ले गई। दोनों को जमकर पीटा। उसके बाद उनके घर पर जाकर बवाल किया। साक्ष्य न मिलने पर दोनों को गुरुवार सुबह छोड़ दिया, जिसके बाद पीड़ितों ने महिला दरोगा समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस कमिश्नर से शिकायत की।
देर शाम महिला दरोगा को निलंबित कर दिया गया। एसीपी बाबूपुरवा के दफ्तर के सामने दो दिन पहले बदमाश एक महिला की चेन लूट ले गए थे। सीसीटीवी फुटेज में घटना कैद हुई थी। पुलिस शक के आधार पर बाबूपुरवा निवासी कार्तिक व उसके चचेरे भाई सुशील को बुधवार रात उठा लाई।
जब पुलिस उसको पकड़ने गई थी तो कहा था कि चालान के संबंध में पूछताछ करनी है। दोनों का आरोप है कि रात को दरोगा ललिता चौहान ने थाने ले जाकर उन्हें थर्ड डिग्री दी। लूट की वारदात को कबूल करने के लिए जमकर प्रताड़ित किया। जब उन्होंने नहीं कबूला को उनको लेकर पुलिस उनके घर पहुंची।
लॉकर तोड़ने को कहा। मगर परिवार वालों ने लॉकर नहीं तोड़ा। शायद पुलिस अवैध रूप से बरामदगी के प्रयास में थी। आखिर में गुरुवार को दोनों को छोड़ दिया। दोनों एंबुलेंस से पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। यहां शिकायत की। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि शिकायत का संज्ञान लेते हुए दरोगा ललिता चौहान को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच एडीसीपी पश्चिम को सौंपी गई है।
लूट में नहीं था हाथ, गलत की थी शिनाख्त
पुलिस के पास लुटेरों का सीसीटीवी फुटेज था। उसी आधार पर उनको शक था कि इसमें सुशील व कार्तिक शामिल हैं। मगर हकीकत ये थी कि फुटेज वाला शख्स कोई दूसरा है। ये पुलिस की बड़ी लापरवाही है। इसलिए प्राथमिक जांच में दरोगा दोषी पाई गई हैं।