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किसान सुसाइड केस: नोट में लिखा- योगी जी! हो सके तो मेरे बच्चों को न्याय दिलाना, बेटी से कहा था- छोटू हम हार गए

Sun, 10 Sep 2023 10:14 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 10 Sep 2023 10:14 AM IST
सार

किसान बाबू सिंह यादव ने खुदकुशी से पहले सीएम को संबोधित एक सुसाइड नोट लिखा। इसमें उन्होंने योगीजी से अपनी शिकायत की है। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के जमीन खरीदफरोख्त में 20 हजार से ऊपर की रकम का लेनदेन रजिस्टर्ड होने के कानून का फायदा उठाकर पार्टी के नेता ने उनकी जमीन हड़पी है। 

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Kanpur Farmer Suicide Yogi ji I have a complaint against you my land grabbed by taking advantage your own law
किसान ने की आत्महत्या - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से सनसनीखेज खबर सामने आई है। करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने से आहत एक किसान ने खुदकुशी कर ली। खुदकुशी से पहले किसान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक पत्र लिखा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 
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जानकारी के अनुसार, कानपुर के अहिरवां स्थित 6.29 करोड़ रुपये की जमीन (साढ़े छह बीघा) हड़पे जाने से आहत चकेरी गांव निवासी किसान बाबू सिंह यादव (52) ने शनिवार सुबह ट्रेन से कटकर जान दे दी। खुदकुशी से पहले उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक सुसाइड नोट भी लिखा है। इसमें अपनी मौत का जिम्मेदार श्यामनगर में रहने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और भाजपा नेता को बताया है। 
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परिजनों ने भी आरोप लगाया कि भाजपा नेता ने मार्च में उक्त राशि का चेक देकर जमीन की रजिस्ट्री कराई, इसके तुरंत बाद कोई खामी बताकर चेक वापस ले लिया। पैसा न देने पर कोर्ट में वाद दाखिल किया गया। इस बीच भाजपा नेता ने जमीन किसी और को बेच दी। पीड़ित किसान को इंसाफ नहीं मिल रहा था। आहत किसान ने आत्महत्या कर ली।
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सुसाइड नोट में लिखा... साक्ष्य के रूप में सारे फोटो मेरे मोबाइल पर
किसान बाबू सिंह यादव ने खुदकुशी से पहले सीएम को संबोधित एक सुसाइड नोट लिखा। इसमें उन्होंने योगीजी से अपनी शिकायत की है। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के जमीन खरीदफरोख्त में 20 हजार से ऊपर की रकम का लेनदेन रजिस्टर्ड होने के कानून का फायदा उठाकर पार्टी के नेता ने उनकी जमीन हड़पी है। 

बाबू सिंह ने लिखा है कि भाजपा पार्टी के सदस्य ने अपनी ही सरकार के कानून का फायदा उठाते हुए उन्हें 6.29 करोड़ की चेक देकर जमीन की रजिस्ट्री करा ली। वो चेक लोकल थी...और क्या लिखूं। साक्ष्य के रूप में सारे फोटो मेरे मोबाइल फोन में हैं। पुलिस ने किसान का मोबाइल फोन जांच के लिए जब्त किया है।

हो सके तो मेरे बच्चों को न्याय दिला देना
सुसाइड नोट में किसान बाबू सिंह ने लिखा है कि हो सके तो बच्चों को न्याय मिले। बाबू सिंह की पत्नी बिटान ने बताया कि भगवान ने उन्हें कोई बेटा नहीं दिया। सिर्फ दो बेटियां दीं। उनके पति ने बेटियों में किसी तरह का फर्क नहीं किया। उनकी पढ़ाई लिखाई से लेकर रहन सहन तक सबकुछ बेहतर करने का प्रयास किया। लोभियों ने उनका हंसता खेलता परिवार बर्बाद कर दिया। कहा कि बड़ी बेटी रूबी की नवंबर तक शादी करने की सोच रहे थे। यह कहते हुए वे बिलख पड़ीं।

हंसता खेलता परिवार बर्बाद कर दिया
पति बाबू सिंह के ननिहाल पक्ष से उन्हें 10 बीघे यह बेशकीमती जमीन उनकी नानी ऊषा देवी के गोदनामे में मिली थी। इस जमीन को बेचकर वह बच्चों को सुनहरा भविष्य बनाना चाहते थे, लेकिन लोभियों ने उनका हंसता खेलता परिवार बर्बाद कर दिया। बताया बड़ी बेटी रूबी की नवंबर तक शादी करने की सोच रहे थे। यह कहते हुए उनकी आंखों से आंसू बह निकले।

बेटी से बोला किसान.... छोटू हम हार गए, अब जिंदा नहीं रहेंगे
पिता का शव देखकर फफक रही मृतक की छोटी बेटी काजल यादव उर्फ छोटू ने बताया कि मेरे पापा की आत्महत्या की वजह सिर्फ वही दो लोग हैं, जिनके नाम पापा ने सुसाइड नोट में लिखे हैं। दोनों ने पापा के साथ गलत किया। उन्हें कठोर सजा मिलनी चाहिए। बताया कि जमीन पर निर्माण देख पापा शुक्रवार शाम को घर लौटे और मुझसे बोले छोटू हम हार गए। मैंने उनसे कहा अभी आप हारे नहीं हो, लेकिन उन्हें गहरा सदमा लगा था।

मैं तो हमेशा मदद करता आया, इसके दुश्मनों ने इसे मार डाला
मैनपुरी के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. प्रिय रंजन आशु दिवाकर ने बताया कि उनका ड्राइवर बबलू यादव किसान का रिश्तेदार था। वह उनके माध्यम से ही किसान की मदद कर रहे थे। करोड़ों की संपत्ति के लालच में किसान के परिवारीजन ही बबलू से जलते थे। उन्होंने अरोप लगाया कि किसान ने खुदकुशी नहीं की उसके दुश्मनों ने उसकी हत्या की है।
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