UP: नन्हीं सांसों का सफर थमा…पिता की गोद बनी सहारा, डफरिन में नवजातों की मौत पर परिजनों का हंगामा, पढ़ें मामला
Kanpur News: पीड़ित मनोज का आरोप है कि सुबह छह बजे पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंच गए थे। पत्नी 11 बजे तक दर्द से तड़पती रही। किसी भी डॉक्टर ने मरीज को नहीं देखा। काफी समय बाद निधि के बेटा हुआ। बच्चे की हालत नाजुक बता एसएनसीयू में ले जाने की सलाह दी गई, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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कानपुर में डफरिन अस्पताल में मंगलवार को दो नवजातों की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। एक के परिजन जहां नवजात को बदलकर मृत बच्चा देने का आरोप लगा रहे थे। वहीं दूसरे बच्चे के परिजन अस्पताल के स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे थे। सूचना पाकर अस्पताल पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की जांच की और दोनों के परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया।
लालबंगला निवासी नाै माह की गर्भवती अंजली चौहान को परिजन मंगलवार सुबह अस्पताल लेकर आए थे। ऑपरेशन से अंजली ने बेटे को जन्म दिया था। परिजनों के अनुसार मां और बच्चा दोनों स्वस्थ थे लेकिन एक घंटे बाद डॉक्टर बच्चे की मौत होना बताने लगे। इस पर परिजन ने स्टाफ पर बच्चा बदलकर मृत बच्चा देने का आरोप लगाया और लगाकर हंगामा करने लगे।
सर्जरी के बाद मरा बच्चा पैदा हुआ था
अस्पताल की एसआईसी ने बताया कि अंजलि डेढ़ साल में दोबारा गर्भवती हो गई। पहला बच्चा भी सर्जरी से हुआ था। पेट में एक टांका खुल गया जिससे बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। अल्ट्रासाउंड में भी बच्चे के गले में नाड़ा फंसा हुआ था। सर्जरी के बाद मरा बच्चा पैदा हुआ था।
हालत नाजुक बता एसएनसीयू में ले जाने की सलाह दी
वहीं, शुक्लागंज निवासी ऑटो चालक मनोज वर्मा सुबह पत्नी निधि कश्यप को लेकर डफरिन हॉस्पिटल पहुंचे। मनोज का आरोप है कि सुबह छह बजे अस्पताल पहुंच गए थे। पत्नी 11 बजे तक दर्द से तड़पती रही। किसी भी डॉक्टर ने मरीज को नहीं देखा। काफी समय बाद निधि के बेटा हुआ। बच्चे की हालत नाजुक बता एसएनसीयू में ले जाने की सलाह दी गई।
नवजात में नही थी कोई हलचल
हालांकि, वहां बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रुचि जैन ने बताया कि निधि पहली बार अस्पताल आई थीं। उसका हीमोग्लोबिन 6.3, टीएलसी 26 हजार थी। 11 बजे सामान्य प्रसव के बाद नवजात में कोई हलचल न होने पर उसे एसएनसीयू भेजा गया था।
परिजनों ने नहीं दी है तहरीर कोतवाली थाना प्रभारी जगदीश पांडेय ने बताया कि अस्पताल में एक बच्चे के परिजन इलाज में लापरवाही और दूसरे के परिजन बच्चा बदलकर मरा हुआ नवजात देने का आरोप लगा रहे थे। सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए जिसमें बच्चा बदलने जैसी बात गलत निकली। परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। दोनों के परिजनों को समझा बुझाकर शव साैंप दिए गए हैं।