Kanpur: खुले में क्रोमियम डंप करने वाली आठ कंपनियों को देना होगा 280 करोड़ जुर्माना
कानपुर देहात और कानपुर शहर की आठ औद्योगिक इकाइयों को झटका लगा है जिन्हाेंने सालों तक पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए 62 हजार 225 मीट्रिक टन क्रोमियम कचरे को खुले में डंप किया था। कंपनियों को 280 करोड़ रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा।
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कानपुर देहात के रनियां में खुले में क्रोमियम कचरा डालने वाली हिल्जर केमिकल प्राइवेट लिमिटेड समेत आठ कंपनियों को 280 करोड़ रुपये जुर्माना भरना ही पड़ेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जुर्माने को चुनौती देने वाली कंपनी की याचिका को खारिज करते हुए तीन माह के भीतर यह राशि जमा करने का आदेश दिया है। समय से जुर्माना न जमा करने पर कंपनी के खिलाफ आरसी काटकर रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
करीब 15 दिन पहले आए इस आदेश के साथ ही राहत के इंतजार में बैठी देहात और कानपुर शहर की उन सभी आठों औद्योगिक इकाइयों को झटका लगा है जिन्हाेंने सालों तक पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए 62 हजार 225 मीट्रिक टन क्रोमियम कचरे को खुले में डंप किया था। इस वजह से रनियां और आसपास के क्षेत्र का भूगर्भ जल भी जहरीला हो गया।
एनजीटी ने कानपुर देहात के डीएम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक संयुक्त कमेटी के गठन के भी आदेश दिए हैं। यह कमेटी पूरे क्षेत्र में हुए पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई के लिए दो महीने में प्लान बनाएगी। इसे छह महीने में लागू करेगी और रिपोर्ट ट्रिब्यूनल को सौंपेगी।
शहर और देहात की आठ कंपनियों पर लगा था जुर्माना
शहर में चौबेपुर स्थित कलीना केमिकल्स और भारत केमिकल उद्योग के अलावा देहात जिले की सेरुलीन केमिकल प्राइवेट लिमिटेड, हिल्जर केमिकल प्राइवेट लिमिटेड, वारिस केमिकल, चांदनी केमिकल और कमणी केमिकल पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 280 करोड़ का जुर्माना लगाया था। इन सभी पर 1995 से 2005 के बीच क्रोमियम वेस्ट डंप करने का आरोप था।
क्या कहते हैं अधिकारी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कानपुर देहात के क्षेत्रीय अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि एनजीटी ने हिल्जर केमिकल समेत सभी कंपनियों की याचिका खारिज कर दी है। साथ ही सभी को तीन महीने में जुर्माना राशि जमा करने के आदेश दिए हैं। संयुक्त कमेटी भी गठित हो चुकी है। जल्द ही एक्शन प्लान तैयार कर काम शुरू कर दिया जाएगा।
इकाई जुर्माना (करोड़ में)
कलीना केमिकल्स 18.02
भारत केमिकल उद्योग 1.40
सेरुलीन केमिकल 87.69
हिल्जर केमिकल 39.62
वारिस केमिकल 44.34
चांदनी केमिकल 27.40
रुक्मिणी केमिकल 46.89
अमेरिया टेक्सटाइल्स 14.61