फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Eat fish with caution waste dissolved in Ganga can reach your stomach research by CSJMU revealed

UP: संभल कर खाएं मछली, पेट में पहुंच सकते गंगा में घुले अपशिष्ट, सीएसजेएमयू के के शोध में हुआ खुलासा

Wed, 11 Jun 2025 01:02 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 11 Jun 2025 01:02 PM IST
सार

Kanpur News: प्रो. वर्षा गुप्ता ने बताया कि जांच गर्मी और सर्दी दोनों मौसम में की गई है। रोहू मछली के यकृत, गुर्दा, आंत व गलफड़े में यह धातुएं मिली हैं। कम जल प्रवाह और उच्च वाष्पीकरण दर के कारण गर्मियों में इन धातुओं की मात्रा अधिक मिली है।

विज्ञापन
Kanpur Eat fish with caution waste dissolved in Ganga can reach your stomach research by CSJMU revealed
सीएसजेएमयू - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में मछली खाने वाले सतर्क हो जाएं। गंगा में घुले अपशिष्ट अब मछलियों के माध्यम से लोगों के शरीर में पहुंच सकते हैं। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के लाइफ साइंस विभाग की ओर से किए गए शोध में इसका खुलासा हुआ है। वैज्ञानिकों की टीम ने गंगा जल और उसमें मिलने वाली रोहू मछली का परीक्षण किया है। गंगा जल में मिली भारी धातुएं रोहू मछली में भी पाई गई हैं।

विज्ञापन

गंगा में आर्सेनिक, कैडमियम, कोबाल्ट, क्रोमियम, सीसा (लेड) की मात्रा मिलने के साथ थैलियम की सांद्रता अधिक मिली है। यह सभी ऐसे भारी धातुएं हैं, जो लंबे समय तक पर्यावरण या जीवों के शरीर में रह सकती हैं। विवि की लाइफ साइंस विभाग की डीन प्रो. वर्षा गुप्ता व उनकी टीम ने गंगा के जल और उसमें पाई जाने वाली मछलियों पर अध्ययन किया है।

विज्ञापन

गर्मी और सर्दी दोनों मौसम में की गई है जांच
टीम ने इंडक्टिवली कपल्ड प्लाज्मा-ऑप्टिकल एमिशन स्पेक्ट्रोस्कोपी (आईसीपी-ओईएस) तकनीक का उपयोग कर परीक्षण किया। शोध टीम में नलिनी द्विवेदी, शिखा सिंह, डॉ. सीमा परोहा शामिल रहे। टीम की रिपोर्ट के अनुसार नदी के जल में आर्सेनिक, कैडमियम, कोबाल्ट, क्रोमियम, सीसा और थैलियम की सांद्रता अधिक पाई गई है।  प्रो. वर्षा गुप्ता ने बताया कि जांच गर्मी और सर्दी दोनों मौसम में की गई है।

विज्ञापन

Kanpur Eat fish with caution waste dissolved in Ganga can reach your stomach research by CSJMU revealed
मछलियां पकड़ते मछुआरे - फोटो : amar ujala

जीवों के शरीर में प्रवेश करती हैं खतरनाक धातुएं
रोहू मछली के यकृत, गुर्दा, आंत व गलफड़े में यह धातुएं मिली हैं। कम जल प्रवाह और उच्च वाष्पीकरण दर के कारण गर्मियों में इन धातुओं की मात्रा अधिक मिली है। गुर्दे और यकृत में सर्वाधिक संचय मिला है, क्योंकि यह अंग विषाक्त पदार्थों के निष्कासन व संग्रहण में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। प्रो. वर्षा गुप्ता ने बताया कि शोध से पता चला है कि जल स्रोतों में मौजूद खतरनाक धातुएं जीवों के शरीर में प्रवेश करती हैं।

विज्ञापन

समाज हित के शोध कार्य देखने को मिलेंगे
जो आगे खाद्य शृंखला को प्रभावित कर सकती हैं। भारी धातुओं की उपस्थिति का आंकलन सिर्फ जल की सतही गुणवत्ता (डब्ल्यूक्यूआई) से नहीं किया जा सकता। ऐसे प्रदूषकों को जल निगरानी कार्यक्रम में शामिल करना जरूरी है। वहीं, कुलपति प्रो. विनय पाठक ने रिसर्च पर प्रशंसा जाहिर की। उन्होंने कहा कि शोध ऐसा हो जो समाज के हित में हो। विवि शोध को हमेशा से बढ़ावा देता आया है। आने वाले समय में हर विभाग में समाज हित के शोध कार्य देखने को मिलेंगे।

Kanpur Eat fish with caution waste dissolved in Ganga can reach your stomach research by CSJMU revealed
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज - फोटो : amar ujala

आर्सेनिक, कैडमियम, कोबाल्ड, कोमियम आदि हैवी मेटल्स हैं। इनके शरीर में जाने से अस्थि मज्जा के रोग, ब्लड कैंसर, एप्लास्टिक एनीमिया का खतरा रहता है। इसके साथ ये धातुओं के शरीर में जाने से गुर्दा खराब होता है और लिवर सिरोसिस हो सकता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है और बुढ़ापा जल्दी आता है।  -डॉ. एमपी सिंह, सीनियर फिजीशियन, मेडिसिन विभाग, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed