स्वास्थ्य: जलोका थेरेपी से गंजापन दूर करने का प्रदर्शन, राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर नवीन सभागार में प्रदर्शनी
Kanpur News: आयुर्वेद प्रदर्शनी में डिजिटल युग में आयुर्वेद, कैंसर के इलाज में आयुर्वेद, बच्चों के लिए आयुर्वेद आदि विषयों पर चर्चा की गई।
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पुराने घाव या गंजापन की जगह पर जोंक चिपकाई गई, जहां वह खून को चूसती रहे। समय पूरा होने पर उस पर नमक का पानी डालकर जोंक को बाहर निकाला गया। इसके बाद संक्रमित क्षेत्र में हल्दी लगाई गई। इस प्रक्रिया से पुराने घाव भरने लगते हैं और गंजापन दूर होता है। इसे लीच थेरेपी या जलोका कहते हैं।
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर सरसैय्या घाट स्थित नवीन सभागार में आयुर्वेद प्रदर्शनी में आयुर्वेद के विशेषज्ञों ने इस थेरेपी का लाइव प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में 10 स्टॉल लगाए गए थे, जिसमें आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी चिकित्सा शिविर, योग शिविर आदि शामिल थे।
कई विधियों की लाइव थेरेपी दिखाई
प्रदर्शनी में पंचकर्मा का स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहा, जहां कई विधियों की लाइव थेरेपी दिखाई गई। इस दाैरान हुई गोष्ठी में डिजिटल युग में आयुर्वेद, कैंसर के इलाज में आयुर्वेद, बच्चों के लिए आयुर्वेद आदि विषयों पर चर्चा की गई। डॉ. बलराम ने कैंसर के इलाज के संबंध में बताया कि इस रोग में हम आयुर्वेदिक आहार पर रोगी को रखते हैं। नियमित योग कराते हैं। साथ में दवाएं देते हैं।