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Kanpur Dehat : लाल निशान से सवा तीन मीटर ऊपर यमुना, 30 गांवों में बाढ़, छतों पर लोगों ने जमाया डेरा

Fri, 26 Aug 2022 01:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 26 Aug 2022 01:36 AM IST
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Kanpur Dehat: Yamuna, three and a half meters above the red mark, floods in 30 villages, people camped on the roofs
जैसलपुर महदेवा मार्ग में जलभराव से होकर गुजरते लोग। संवाद - फोटो : AKBARPUR
राजपुर/पुखरायां। जिले में यमुना ने अब कहर बरपाना शुरू कर दिया है। नदी का जलस्तर 24 घंटे में सवा दो मीटर बढ़ा है। वहीं, खतरे के निशान से सवा तीन मीटर ऊपर पानी पहुंचने से 30 गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
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लगभग दो हजार बीघा से ज्यादा फसल जलमग्न हो चुकी है। लोगों ने सरकारी स्कूलों के साथ ही घरों की छतों पर गृहस्थी का सामान रखकर डेरा जमा लिया है। मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हुआ है। लोग जरूरी काम पर नाव का सहारा ले रहे हैं।
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यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से सेंगुर नदी भी उफान पर है। इससे मूसानगर के 22 से अधिक गांव पानी से घिर गए हैं। बाढ़ प्रभावित पथार गांव निवासी रामसजीवन, सुरजीत, विनोद व वीरन समेत कई लोगों ने बताया के गांवों के चारों तरफ पानी भर रहा है।
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पथार और नया पुरवा गांव में नीचे के घरों में पानी भर गया है। इससे लोग गृहस्थी का सामान लेकर छतों पर डेरा जमा रहे हैं। आवागमन के रास्ते भी बंद होते जा रहे हैं। खेत व जंगल सब जलमग्न हैं। गांव के लोग रात भर जाग कर नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी बढ़ने के साथ ही लोग सुरक्षित व ऊंचाई वाले स्थानों पर चले जाएंगे। मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का सिलसिला लोगों ने शुरू कर दिया है।
क्योटरा निवासी जुगराज, अरविंद, अखिलेश, प्रेमचंद्र ने बताया कि सड़क किनारे से गांव सेंगुर नदी व पीछे के छोर से यमुना से घिरा है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से गांव टापू बन गया है। घरों की ओर पानी आ रहा है।
इससे गृहस्थी का सामान व मवेशियों को लोग ऊंचाई वाले स्थान पर लेकर पहुंच रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग कालपी कार्यालय के कर्मचारी सौरभ यादव ने बताया कि गुरुवार की शाम को यमुना का जलस्तर 111.20 मीटर के ऊपर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से सवा तीन मीटर ऊपर है।
यमुना की तलहटी पर बसा महदेवा गांव भी पानी से घिर गया है। गांव के चारों ओर पानी भरने से रास्ता जलमग्न है। नाव से लोग आवागमन कर रहे हैं। कई मकानों में पानी भरने से लोग सुरक्षित स्थानों पर ठिकाना तलाशने लगे हैं।
जैसलपुर गांव में कई लोगों के मकान पानी से घिर गए हैं। गांव के प्राइमरी स्कूल में तीन परिवारों को ठहराया गया है। ग्रामीणों का कहना है गृहस्थी का सामान और पशुओं का भूसा पानी में बह गया है।
राजपुर संवाद के मुताबिक यमुना नदी किनारे बीहड़ पट्टी के जैसलपुर, महदेवा, गौरीरतन बागर, गौहानी बछाटी, भुपैय्यापुर में तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है। जैसलपुर गांव के कठोरे लाल, भगवान दास, सुनील व मनोज ने बताया कि बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है।

गृहस्थी का सामान व पशुओं का भूसा पानी में डूब गया है। इधर, महदेवा गांव के बलराम, महेंद्र पाल सिंह, जवेंद्र सिंह ने बताया कि तलहटी स्थित उनके खेतों में लगी सैकड़ों बीघा उरद, ज्वार, बाजरा व तिल की फसल जलमग्न हो गई है। अब घरों में यमुना का पानी घुसने से गृहस्थी बचाना मुश्किल हो रहा है।
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