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Kanpur Dehat : मौसम में बदलाव के साथ बुखार का प्रकोप बढ़ा, दो मासूमों समेत चार की मौत
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कानपुर देहात। मौसम में बदलाव के साथ जिले में वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। शुक्रवार को शिवली, रसूलाबाद व झींझक क्षेत्र में बुखार से दो मासूमों समेत चार लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संबंधित गांवों में स्वास्थ्य टीम भेजकर जांच कराने की बात कही है।
शिवली के मकरंदपुर बन्था गांव निवासी देशराज पाल (70) को तीन दिन से बुखार आ रहा था। वह घर पर ही इलाज करा रहे थे। शुक्रवार की सुबह उनकी हालत अधिक बिगड़ गई। परिजन सीएचसी ले गए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
मैथा पीएचसी के प्रभारी डॉ. सिद्धार्थ पाठक ने बताया कि गांव में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। वहीं, मैथा मांडा गांव निवासी पुत्तन सविता के बेटे राजू (35) को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिजन कानपुर नगर के एक निजी अस्पताल में उसका उपचार करा रहे थे, जहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।
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उधर, रसूलाबाद के महकपुरवा गांव निवासी वीरेंद्र के बेटे अन्नू (सात माह) को दो दिन से बुखार आ रहा था। शुक्रवार को हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे सीएचसी ले गए। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
इसी क्षेत्र के गुरुवई पहाड़ीपुर गांव स्थित मायके आई करिश्मा की बेटी कीर्ति (डेढ माह) को तेज बुखार होने पर परिजन सीएचसी ले गए, जहां से ईएमओ ने हैलट रेफर कर दिया।
उधर, झींझक के चिरखिरी गांव निवासी राघवेंद्र सिंह की बेटी निहारिका (5) को तीन दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन औरैया के निजी चिकित्सक से उपचार करा रहे थे। शुक्रवार की सुबह हालत बिगड़ने पर परिजन सीएचसी ले गए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। डॉ. उमाशंकर ने बताया कि सीएचसी आने से पहले बालिका की मौत हो चुकी थी।
जिले में चार लोगों की बुखार से मौत होने की जानकारी जुटाई जा रही है। अभी तक कहीं भी संक्रामक बीमारी फैलने की सूचना नहीं है। जिन गांवों में लोगों की मौत हुई है वहां स्वास्थ्य टीम भेजी जाएगी। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ
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शिवली के मकरंदपुर बन्था गांव निवासी देशराज पाल (70) को तीन दिन से बुखार आ रहा था। वह घर पर ही इलाज करा रहे थे। शुक्रवार की सुबह उनकी हालत अधिक बिगड़ गई। परिजन सीएचसी ले गए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
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मैथा पीएचसी के प्रभारी डॉ. सिद्धार्थ पाठक ने बताया कि गांव में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। वहीं, मैथा मांडा गांव निवासी पुत्तन सविता के बेटे राजू (35) को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिजन कानपुर नगर के एक निजी अस्पताल में उसका उपचार करा रहे थे, जहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।
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उधर, रसूलाबाद के महकपुरवा गांव निवासी वीरेंद्र के बेटे अन्नू (सात माह) को दो दिन से बुखार आ रहा था। शुक्रवार को हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे सीएचसी ले गए। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
इसी क्षेत्र के गुरुवई पहाड़ीपुर गांव स्थित मायके आई करिश्मा की बेटी कीर्ति (डेढ माह) को तेज बुखार होने पर परिजन सीएचसी ले गए, जहां से ईएमओ ने हैलट रेफर कर दिया।
उधर, झींझक के चिरखिरी गांव निवासी राघवेंद्र सिंह की बेटी निहारिका (5) को तीन दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन औरैया के निजी चिकित्सक से उपचार करा रहे थे। शुक्रवार की सुबह हालत बिगड़ने पर परिजन सीएचसी ले गए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। डॉ. उमाशंकर ने बताया कि सीएचसी आने से पहले बालिका की मौत हो चुकी थी।
जिले में चार लोगों की बुखार से मौत होने की जानकारी जुटाई जा रही है। अभी तक कहीं भी संक्रामक बीमारी फैलने की सूचना नहीं है। जिन गांवों में लोगों की मौत हुई है वहां स्वास्थ्य टीम भेजी जाएगी। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ