धरती से निकला...तो नाम रखा धरती पुत्र: बगीचे में दबा मिला था नवजात, अस्पताल में चल रहा है इलाज, पढ़ें मामला
Kanpur Dehat News: डॉक्टर का कहना है कि नवजात धरती में दबा था। इसके चलते उसका नाम धरती पुत्र रख दिया गया है। डॉ. अवधेश ने बताया कि अभी 15 दिन बच्चे को उपचार के लिए रखा जाएगा। इसके बाद ही आगे कोई फैसला लेंगे।
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कानपुर देहात में मूसानगर के पुलंदर गांव के एक बगीचे में जमीन के नीचे एक नवजात दबा मिला था। जानकारी होने पर गांव की एक महिला ने सीएचसी देवीपुर में भर्ती कराया। अब उसका उपचार जिला महिला अस्पताल में चल रहा है। वहां डॉक्टर का मानना है कि बच्चा धरती से निकला है तो उसका नाम धरती पुत्र रख दिया है।
पुलंदर गांव में सात सितंबर को बगीचे की जमीन एक दिन का नवजात(लड़का) दबा था। वहीं से गुजर रहे राजेश ने बच्चे की रोने की आवाज सुनी तो वह बच्चे के पास पहुंचे तो देखा कि वह मिट्टी में दबा हुआ था। इसके बाद उसे निकालकर सीएचसी देवीपुर ले गए। वहां से उसे जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती किया गया।
अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अवधेश गुप्ता ने बताया कि बच्चा कमजोर है। चम्मच से वह दूध नहीं पी पा रहा है। इस वजह से उसको नली डालकर 10 ग्राम दूध पिलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उसकी जांच रिपोर्ट में ऑनलाइन अज्ञात नाम नहीं फीड हो रहा था। इस वजह से उसका नाम धरती पुत्र रख दिया है।
15 दिन उपचार के लिए रखा जाएगा
डॉक्टर का कहना है कि नवजात धरती में दबा था। इसके चलते उसका नाम धरती पुत्र रख दिया गया है। डॉ. अवधेश ने बताया कि अभी 15 दिन बच्चे को उपचार के लिए रखा जाएगा। इसके बाद ही आगे कोई फैसला लेंगे। जब से नवजात खेत में दबा मिला है, तब से लेकर अभी तक नीलम बच्चे के साथ ही है।
नवजात लेने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही महिला
एसएनसीयू में भर्ती बच्चे का हर घंटे नीलम का हाल जान रही है। साथ ही नवजात को लेने के लिए नीलम डीएम आलोक सिंह से मिल चुकी है। जबकि मंगलवार को वह सीएमओ डॉ. एके सिंह के पास पहुंची। इस पर सीएमओ ने प्रोबेशन अधिकारी से फोन में वार्ता की, इसके बाद नीलम को अधिकारी के पास भेज दिया।