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Kanpur News: 24 घंटे में यमुना में बढ़ा 2.81 मीटर जलस्तर, तटवर्ती इलाकों के लोगों की बढ़ी चिंता
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मूसानगर। राजस्थान और मध्य प्रदेश के इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते चंबल नदी में पानी बढ़ने से यमुना का जलस्तर भी निरंतर बढ़ रहा है। 24 घंटे में नदी में 2.81 मीटर पानी बढ़ गया है। जो अब 99.35 मीटर पर पहुंच गया है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बाढ़ नियंत्रण कार्यालय कालपी के कर्मचारी के अनुसार नदी में आठ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। इससे यमुना के तटवर्ती गांवों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
यमुना नदीं में हर साल बाढ़ आने पर कई गांवों के लोग बेघर हो जाते हैं। घर बार छोड़कर लोग ऊंचाई वाले स्थानों पर डेरा जमाते हैं। इस दौरान खेतों में खड़ी फसल भी नष्ट हो जाती है। बाढ़ घटने के बाद लोग फिर से संघर्षों से जूझते हैं।
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राजस्थान और मध्य प्रदेश के इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते चंबल नदी में पानी बढ़ने से यमुना का जलस्तर भी निरंतर बढ़ रहा है। इससे नदी के तटवर्ती गांवों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। आढ़न के शत्रुघन, निशादेवी, बीरेंद्र कुमार, घसीटेलाल, प्रेमू, हलिया के प्रेमचंद्र, धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अब जब लाही आदि की फसल बुआई का समय आया है, तब नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
यदि इसी तरह लगातार जलस्तर बढ़ता रहा तो बाढ़ आने से नहीं रुकेगी। इसके कारण फिर कोई भी फसल की बुआई हो पाना संभव नहीं है। पूर्व में बोई गई फसलों का भी नष्ट होना तय है। अगर बांध से पानी छोड़ा गया तो हालात बेकाबू होंगे।
वहीं, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बाढ़ नियंत्रण कार्यालय कालपी के कर्मचारी सौरभ कुमार ने बताया कि पिछले 24 घंटे में यमुना में 2.81 मीटर पानी बढ़ा है। बुधवार को नदी का जलस्तर 96.54 मीटर था। जो गुरुवार को बढ़कर 99.35 मीटर पर पहुंच गया है।
हर घंटे आठ सेंटीमीटर की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। हालांकि खतरे का निशान 108 मीटर पर है। यदि रात में पानी बढ़ने की गति धीमी हुई तो फिर जलस्तर कम होने की संभावना है।
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केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बाढ़ नियंत्रण कार्यालय कालपी के कर्मचारी के अनुसार नदी में आठ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। इससे यमुना के तटवर्ती गांवों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
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यमुना नदीं में हर साल बाढ़ आने पर कई गांवों के लोग बेघर हो जाते हैं। घर बार छोड़कर लोग ऊंचाई वाले स्थानों पर डेरा जमाते हैं। इस दौरान खेतों में खड़ी फसल भी नष्ट हो जाती है। बाढ़ घटने के बाद लोग फिर से संघर्षों से जूझते हैं।
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राजस्थान और मध्य प्रदेश के इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते चंबल नदी में पानी बढ़ने से यमुना का जलस्तर भी निरंतर बढ़ रहा है। इससे नदी के तटवर्ती गांवों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। आढ़न के शत्रुघन, निशादेवी, बीरेंद्र कुमार, घसीटेलाल, प्रेमू, हलिया के प्रेमचंद्र, धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अब जब लाही आदि की फसल बुआई का समय आया है, तब नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
यदि इसी तरह लगातार जलस्तर बढ़ता रहा तो बाढ़ आने से नहीं रुकेगी। इसके कारण फिर कोई भी फसल की बुआई हो पाना संभव नहीं है। पूर्व में बोई गई फसलों का भी नष्ट होना तय है। अगर बांध से पानी छोड़ा गया तो हालात बेकाबू होंगे।
वहीं, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बाढ़ नियंत्रण कार्यालय कालपी के कर्मचारी सौरभ कुमार ने बताया कि पिछले 24 घंटे में यमुना में 2.81 मीटर पानी बढ़ा है। बुधवार को नदी का जलस्तर 96.54 मीटर था। जो गुरुवार को बढ़कर 99.35 मीटर पर पहुंच गया है।
हर घंटे आठ सेंटीमीटर की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। हालांकि खतरे का निशान 108 मीटर पर है। यदि रात में पानी बढ़ने की गति धीमी हुई तो फिर जलस्तर कम होने की संभावना है।