फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Dehat: Water increased by two meters in Yamuna river, traffic stopped from the culvert of Pathar village

Kanpur Dehat : यमुना नदी में दो मीटर बढ़ा पानी, पथार गांव की पुलिया से आवागमन बंद

Wed, 17 Aug 2022 01:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Aug 2022 01:36 AM IST
विज्ञापन
Kanpur Dehat: Water increased by two meters in Yamuna river, traffic stopped from the culvert of Pathar village
पथार गांव की पुलिया के पास नाव से आवागमन करते लोग। संवाद - फोटो : PUKHRAYAN
राजपुर। हरियाणा प्रांत के हथिनी कुंड बैराज से यमुना में दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जिले में नदी का जलस्तर 24 घंटे में दो मीटर बढ़ गया है। इससे नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। राजपुर तहसील के कई गांवों के लोग रोक के बाद भी नदी से जालौन आवागमन कर रहे है।
विज्ञापन

वहीं, मूसानगर में पथार की पुलिया से एक मीटर ऊपर पानी बह रहा है। इससे दो गांवों की पांच हजार आबादी का आवागमन ठप हो गया है। एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार ने गांव पहुंचकर नाव से बाढ़ का जायजा लिया। जिला प्रशासन बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगाह बनाए है।
विज्ञापन

मध्यप्रदेश में हो रही झमाझम बारिश का असर पहले ही यमुना में दिखाई देने लगा था। अब हरियाणा प्रांत के हथिनी कुंड बैराज से यमुना में पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तहसील प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीमों को अलर्ट कर नदी किनारे बसे गांवों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेहमई, जैसलपुर, महदेवा, गौरीरतन बागर, गौहानी बछाटी, भुपैय्यापुर, बैजामऊ बांगर समेत 10 गांवों के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। कालपी स्थित बेतार केंद्र के सौरभ ने बताया कि हथनीकुंड बैराज से यमुना में लगभग दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे नदी का जलस्तर बढ़ा है।
वहीं, राजपुर तहसील के अधिकारियों ने लोगों को यमुना नदी के रास्ते खेतों में न जाने की हिदायत दी है। बेहमई गांव निवासी बाबूजी सिंह, जैसलपुर के नरेंद्र सिंह, खोजा रामपुर गांव के पूर्व प्रधान जयवीर सिंह, गौरीरतन बांगर के मान सिंह ने बताया कि दो दिनों में नदी में तेजी से जलस्तर बढ़ा है।
इससे बाढ़ का खतरा सताने लगा है। सिकंदरा एसडीएम डॉ. पूनम गौतम ने बताया कि फिलहाल नदी खतरे के निशान से दूर है। बाढ़ की संभावना के मद्देनजर चार चौकियां बनाई गईं है। राजस्व टीमों से निगरानी कराई जा रही है।
उधर, मूसानगर में पथार की पुलिया के एक मीटर ऊपर पानी बह रहा है। जानकारी पर एसडीएम अजय कुमार राय, तहसीलदार अनीता शेखर, नायब तहसीलदार मनीष द्विवेदी ने राजस्व कर्मियों के साथ नाव से बढ़े जलस्तर का जायजा लिया।
यहां लोगों के आवागमन की सुविधा के लिए नाव लगाई गई है। कथरी, देवराहट, नौबादपुर, दौलतपुर, रसूलपुर भुरंडा, मूसानगर, चपरघटा, सरौटा में बाढ़ राहत चौकी बनाई गई हैं। एसडीएम ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया है।
कालपी बाढ़ नियंत्रण चौकी के कर्मचारी ज्ञानचंद्र ने बताया कि नदी का जलस्तर 103.51 मीटर है। जो अभी खतरे के निशान से पांच मीटर नीचे है। क्षेत्र निवासी वीरेंद्र निषाद, पन्नालाल निषाद, रामेश्वर निषाद, लल्लू निषाद, खुशीराम आदि ने बताया कि नदी में पानी छोड़े जाने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ की स्थित बन जाती है।

सबसे पहले पथार गांव के रास्ते की पुलिया डूबती है। जिससे दो गांवों के पांच हाजार लोगों का आवागमन बंद हो जाता है। बांध से थोड़ा-थोड़ा पानी छोड़ा जाता रहे तो बाढ़ नहीं आएगी। लेखपाल अवधेश कुमार ने बताया कि पानी बढ़ा है लेकिन अब स्थिति सामान्य होने की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed