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Kanpur Dehat: रामलीला बंद कराने पर भड़के ग्रामीण, एसडीएम से हुई नोकझोक, हंगामा
Tue, 04 Oct 2022 02:49 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 04 Oct 2022 02:49 PM IST
सार
साकेत धाम रामलीला में जिस अनुमति को लेकर विवाद हुआ। सोमवार को रामलीला कराने की अनुमति हो गई। थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि सोमवार को कार्यक्रम की अनुमति हो गई।
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रामलीला बंद होने के बाद हंगामा करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर देहात के शिवली में अनुमति न होने व लाउडस्पीकर की तेज आवाज का हवाला देकर एसडीएम मैथा ने रविवार रात कस्बा के साकेत धाम मंदिर पर आयोजित प्राचीन रामलीला को बंद करा दिया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने एसडीएम ने तकरार भी हुई। अफसरों ने किसी तरह स्थिति को संभाला।
इधर, सोमवार को रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने मंदिर के महंत धरना-प्रदर्शन किया। महंत ने एसडीएम पर कार्रवाई की मांग को लेकर दोपहर आमरण अनशन शुरू कर दिया। रामलीला समिति के अध्यक्ष वैभव तिवारी ने बताया कि रविवार रात रामलीला का मंचन चल रहा था। उसी समय एसडीएम महेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ आए।
रामलीला की अनुमति न होने और लाउडस्पीकर की आवाज तेज होने की बात कहकर कार्रवाई करने की चेतावनी दी। रामलीला का मंचन बंद करा दिया। रामलीला का मंचन बंद होते ही ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों की एसडीएम से तरकार भी हुई। मामला बढ़ता देख कुछ लोगों ने जिले के आला अफसरों को सूचना दे दी।
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इधर, सोमवार को रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने मंदिर के महंत धरना-प्रदर्शन किया। महंत ने एसडीएम पर कार्रवाई की मांग को लेकर दोपहर आमरण अनशन शुरू कर दिया। रामलीला समिति के अध्यक्ष वैभव तिवारी ने बताया कि रविवार रात रामलीला का मंचन चल रहा था। उसी समय एसडीएम महेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ आए।
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रामलीला की अनुमति न होने और लाउडस्पीकर की आवाज तेज होने की बात कहकर कार्रवाई करने की चेतावनी दी। रामलीला का मंचन बंद करा दिया। रामलीला का मंचन बंद होते ही ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों की एसडीएम से तरकार भी हुई। मामला बढ़ता देख कुछ लोगों ने जिले के आला अफसरों को सूचना दे दी।
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अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद रात में ही एसडीएम दोबारा रामलीला मंच पर पहुंचे और ग्रामीणों को मनाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। सोमवार की सुबह दूसरे दिन सोमवार को मंदिर के महंत बाबा संत कुमार ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए।
जब कोई अफसर नहीं पहुंचा, तो दोपहर से उन्होंने आमरण अनशन शुरू कर दिया। इधर, समिति के पूर्व अध्यक्ष राधाकृष्ण बाजपेई ने कहा कि प्राचीन रामलीला में पहली बार इस तरह प्रशासन ने अडंगा लगाया है। विहिप नेता विपिन शुक्ला ने कहा कि प्रशासन इस तरह लीला का मंचन नही रुकवा सकता है।
विवाद के बाद सोमवार को मिल गई अनुमति
साकेत धाम रामलीला में जिस अनुमति को लेकर विवाद हुआ। सोमवार को रामलीला कराने की अनुमति हो गई। थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि सोमवार को कार्यक्रम की अनुमति हो गई। एसडीएम महेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को पुलिस कागजात लेकर उनके पास आई, जिस पर अनुमति जारी कर दी गई।
जब कोई अफसर नहीं पहुंचा, तो दोपहर से उन्होंने आमरण अनशन शुरू कर दिया। इधर, समिति के पूर्व अध्यक्ष राधाकृष्ण बाजपेई ने कहा कि प्राचीन रामलीला में पहली बार इस तरह प्रशासन ने अडंगा लगाया है। विहिप नेता विपिन शुक्ला ने कहा कि प्रशासन इस तरह लीला का मंचन नही रुकवा सकता है।
विवाद के बाद सोमवार को मिल गई अनुमति
साकेत धाम रामलीला में जिस अनुमति को लेकर विवाद हुआ। सोमवार को रामलीला कराने की अनुमति हो गई। थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि सोमवार को कार्यक्रम की अनुमति हो गई। एसडीएम महेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को पुलिस कागजात लेकर उनके पास आई, जिस पर अनुमति जारी कर दी गई।