{"_id":"5e2c969c8ebc3e4afe313ecc","slug":"kanpur-dehat-river-akbarpur-news-knp5406775190","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी ठप रहा यमुना के क्षतिग्रस्त पीपा पुल का मरम्मत काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन भी ठप रहा यमुना के क्षतिग्रस्त पीपा पुल का मरम्मत काम
विज्ञापन
गौरी रतन बांगर गांव में क्षतिग्रस्त पीपा पुल।
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात/राजपुर। गुरुवार की रात जलस्तर बढ़ने से बेहमई गांव के पास गौरीरतन बांगर गांव में यमुना नदी पर बने पीपा टूट की चलही तीसरी बार टूटकर बह गई थी। इसके चलते दो दिनों पुल मरम्मत का काम ठप है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
बेहमई गांव से डेढ़ किलोमीटर दूरी पर गौरी रतन बांगर गांव के पास यमुना नदी पर बने पीपे का पुल जालौन जाने के लिए अस्थाई रुप से बनाया गया था। मंगलवार को यमुना नदी में तेज बहाव से गर्डर व चलही टूटने से पीपा पुल बह गए थे। इसके चलते आवागमन ठप पड़ गया था। सूचना पर पीडब्लूडी अधिकारियों ने मिट्टी डालकर पानी का बहाव रोकने की कोशिश की थी, लेकिन रात मेें जलस्तर दोबारा बढ़ने से डाली गई मिट्टी बह गई थी। बुधवार को भी पुल मरम्मत के लिए मिट्टी डालने का काम जारी रहा था। गुरुवार को मरम्मत के बाद तीन चलही लगाई गई थी, लेकिन रात में यमुना का जलस्तर करीब डेढ़ मीटर बढ़ने के बाद तीनों चलही फिर से बह गई। शुक्रवार को पूरे दिन मरम्मत कार्य नहीं कर सके।
इधर, शनिवार को बढ़े जलस्तर के कारण पूरे दिन पुल मरम्मत का नहीं हो सका। लोग भोगनीपुर व कालपी होकर आवागमन करने को मजबूर हैं। इस बाबत पीडब्लूडी विभाग के जेई राधेश्याम यादव ने बताया कि यमुना नदी पर बने पीपा पुल के पास तीन मीटर पानी है। पुल बनने के समय एक मीटर पानी है। अधिक जलस्तर होने से मरम्मत नहीं हो पा रही है। पानी कम होने पर दोबारा पुल मरम्मत का काम शुरू होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेहमई गांव से डेढ़ किलोमीटर दूरी पर गौरी रतन बांगर गांव के पास यमुना नदी पर बने पीपे का पुल जालौन जाने के लिए अस्थाई रुप से बनाया गया था। मंगलवार को यमुना नदी में तेज बहाव से गर्डर व चलही टूटने से पीपा पुल बह गए थे। इसके चलते आवागमन ठप पड़ गया था। सूचना पर पीडब्लूडी अधिकारियों ने मिट्टी डालकर पानी का बहाव रोकने की कोशिश की थी, लेकिन रात मेें जलस्तर दोबारा बढ़ने से डाली गई मिट्टी बह गई थी। बुधवार को भी पुल मरम्मत के लिए मिट्टी डालने का काम जारी रहा था। गुरुवार को मरम्मत के बाद तीन चलही लगाई गई थी, लेकिन रात में यमुना का जलस्तर करीब डेढ़ मीटर बढ़ने के बाद तीनों चलही फिर से बह गई। शुक्रवार को पूरे दिन मरम्मत कार्य नहीं कर सके।
विज्ञापन
इधर, शनिवार को बढ़े जलस्तर के कारण पूरे दिन पुल मरम्मत का नहीं हो सका। लोग भोगनीपुर व कालपी होकर आवागमन करने को मजबूर हैं। इस बाबत पीडब्लूडी विभाग के जेई राधेश्याम यादव ने बताया कि यमुना नदी पर बने पीपा पुल के पास तीन मीटर पानी है। पुल बनने के समय एक मीटर पानी है। अधिक जलस्तर होने से मरम्मत नहीं हो पा रही है। पानी कम होने पर दोबारा पुल मरम्मत का काम शुरू होने की उम्मीद है।
विज्ञापन