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तेज बारिश के साथ गिरे ओले, फसलें गिरी
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सिठउमताना गांव में खेत में गिरे ओले दिखाते किसान।
- फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। जिले में सुबह तेज बारिश के साथ ओले गिरने से किसानों की फसल गिर गई। देर शाम रसूलाबाद क्षेत्र में दोबारा ओले गिरने के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई। बारिश और ओले गिरने से किसानों ने भारी नुकसान की आशंका जताई है।
दो दिनों से अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार सुबह जिले के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। रसूलाबाद क्षेत्र में सुबह व शाम को ओले गिरने से किसानों के खेत पर खड़ी फसलें गिर गई। इससे सबसे ज्यादा नुकसान लाही, सरसों और चना की फसल को हुआ है। ऐसे में किसानों के चेहरों पर चिंता देखने को मिल रही है। बारिश बंद होने के बाद किसान फसल देखने के लिए खेतों पर पहुंचे। वहां फसल गिरी मिली। तेज बारिश से जलभराव की स्थिति रही। इससे लोगों को परेशान होना पड़ा। हालांकि बारिश बंद होने के बाद निकली तेज धूप से गलियों में भरा पानी सूख गया।
शिवली में तेज बारिश से आलू किसानों को ज्यादा नुकसान हुआ है। सुबह बारिश से आलू खुदाई ठप हो गई। किसानों का कहना है कि आलू में मिट्टी चिपक रही है। इससे दो दिन बाद ही आलू की खुदाई शुरू हो पाएगी। खेत में लाही, सरसों की कटी फसल को नुकसान हुआ है। किसान राजू वर्मा, रणधीर सिंह ने कहा कि तेज बारिश से आलू खराब होने का खतरा है। किसान अवधेश कुमार व राज कुमार ने बताया कि बारिश से गेहूं की बाली टूट जाने से नुकसान हुआ है।
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रूरा के रघुवीर सिंह, शिवनाथ, गुटैहा के मुन्ना लाल, अर्जुन ने बताया कि उनके खेतों पर सरसों, चना, धनिया की फसल खड़ी थी। तेज बारिश में गिर गई। इससे काफी नुकसान हुआ है। उप कृषि निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि नुकसान प्रभावित क्षेत्र में टीम सर्वे करेगी। इसके बाद किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
पांच हजार क्विंटल धान भीगा
झींझक। गुरुवार रात बारिश के कारण झींझक मंडी समिति खरीद केंद्र पर जमा पांच हजार क्विंटल धान भीग गया है।
झींझक मंडी समिति में किसानों का धान खरीदने के लिए आरएफसी का खरीद केंद्र खोला गया था। वहां पर लक्ष्य के अनुसार 40 हजार क्विंटल धान की खरीद की गई है। अधिकांश धान मिलों में भेज दिया गया है, लेकिन अभी तक पांच हजार क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे जमा है। गुरुवार रात बारिश के कारण खुले में रखा धान भीग गया। इससे धान खराब होने की आशंका है। खरीद केंद्र प्रभारी अनिल यादव ने बताया कि धान मिल तक पहुंचाने का ठेका अलग से उठा है। ठेकेदार की लापरवाही के कारण धान नहीं उठाया गया और भीग गया है।
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दो दिनों से अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार सुबह जिले के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। रसूलाबाद क्षेत्र में सुबह व शाम को ओले गिरने से किसानों के खेत पर खड़ी फसलें गिर गई। इससे सबसे ज्यादा नुकसान लाही, सरसों और चना की फसल को हुआ है। ऐसे में किसानों के चेहरों पर चिंता देखने को मिल रही है। बारिश बंद होने के बाद किसान फसल देखने के लिए खेतों पर पहुंचे। वहां फसल गिरी मिली। तेज बारिश से जलभराव की स्थिति रही। इससे लोगों को परेशान होना पड़ा। हालांकि बारिश बंद होने के बाद निकली तेज धूप से गलियों में भरा पानी सूख गया।
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शिवली में तेज बारिश से आलू किसानों को ज्यादा नुकसान हुआ है। सुबह बारिश से आलू खुदाई ठप हो गई। किसानों का कहना है कि आलू में मिट्टी चिपक रही है। इससे दो दिन बाद ही आलू की खुदाई शुरू हो पाएगी। खेत में लाही, सरसों की कटी फसल को नुकसान हुआ है। किसान राजू वर्मा, रणधीर सिंह ने कहा कि तेज बारिश से आलू खराब होने का खतरा है। किसान अवधेश कुमार व राज कुमार ने बताया कि बारिश से गेहूं की बाली टूट जाने से नुकसान हुआ है।
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रूरा के रघुवीर सिंह, शिवनाथ, गुटैहा के मुन्ना लाल, अर्जुन ने बताया कि उनके खेतों पर सरसों, चना, धनिया की फसल खड़ी थी। तेज बारिश में गिर गई। इससे काफी नुकसान हुआ है। उप कृषि निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि नुकसान प्रभावित क्षेत्र में टीम सर्वे करेगी। इसके बाद किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
पांच हजार क्विंटल धान भीगा
झींझक। गुरुवार रात बारिश के कारण झींझक मंडी समिति खरीद केंद्र पर जमा पांच हजार क्विंटल धान भीग गया है।
झींझक मंडी समिति में किसानों का धान खरीदने के लिए आरएफसी का खरीद केंद्र खोला गया था। वहां पर लक्ष्य के अनुसार 40 हजार क्विंटल धान की खरीद की गई है। अधिकांश धान मिलों में भेज दिया गया है, लेकिन अभी तक पांच हजार क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे जमा है। गुरुवार रात बारिश के कारण खुले में रखा धान भीग गया। इससे धान खराब होने की आशंका है। खरीद केंद्र प्रभारी अनिल यादव ने बताया कि धान मिल तक पहुंचाने का ठेका अलग से उठा है। ठेकेदार की लापरवाही के कारण धान नहीं उठाया गया और भीग गया है।