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बेहमई कांड- अदालत ने प्रमुख सचिव व डीजीपी से मांगी मूल केस डायरी
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कानपुर देहात। अदालत से मांगा गया समय दो सप्ताह पूरा होने के बाद भी पुलिस बेहमई कांड की मूल केस डायरी नहीं ढूंढ सकी। अब अदालत ने प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को मूल केस डायरी उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। 39 साल से चल रहे इस मामले की सुनवाई अब 18 मार्च को होगी।
14 फरवरी 1981 को डकैत फूलन देवी के गिरोह ने बेहमई गांव में धावा बोलकर 20 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। छह लोग गोली लगने से घायल हुए थे। बेहमई गांव निवासी राजाराम सिंह ने फूलन देवी समेत 35-36 डकैतों के खिलाफ थाना सिकंदरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई सुधीर कुमार विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र की कोर्ट में चल रही है। 18 जनवरी को फैसले की तारीख तय की गई थी। पत्रावली में मूल केस डायरी न होने पर फैसला नहीं सुनाया गया था। 24 जनवरी को अदालत ने डीएम व एसपी को मूल केस डायरी उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। तब से पुलिस हर तारीख पर अदालत से केस डायरी दाखिल करने के लिए समय मांगती रही। बुधवार को भी पुलिस सुनवाई के दौरान मूल केस डायरी कोर्ट को उपलब्ध नहीं करा सकी।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल और बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नारायण ने बताया कि एसपी अनुराग वत्स ने मूल केस डायरी न मिलने व एएसपी की जांच जारी होने का जवाब दाखिल किया है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को 18 मार्च को मूल केस डायरी उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
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14 फरवरी 1981 को डकैत फूलन देवी के गिरोह ने बेहमई गांव में धावा बोलकर 20 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। छह लोग गोली लगने से घायल हुए थे। बेहमई गांव निवासी राजाराम सिंह ने फूलन देवी समेत 35-36 डकैतों के खिलाफ थाना सिकंदरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई सुधीर कुमार विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र की कोर्ट में चल रही है। 18 जनवरी को फैसले की तारीख तय की गई थी। पत्रावली में मूल केस डायरी न होने पर फैसला नहीं सुनाया गया था। 24 जनवरी को अदालत ने डीएम व एसपी को मूल केस डायरी उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। तब से पुलिस हर तारीख पर अदालत से केस डायरी दाखिल करने के लिए समय मांगती रही। बुधवार को भी पुलिस सुनवाई के दौरान मूल केस डायरी कोर्ट को उपलब्ध नहीं करा सकी।
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जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल और बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नारायण ने बताया कि एसपी अनुराग वत्स ने मूल केस डायरी न मिलने व एएसपी की जांच जारी होने का जवाब दाखिल किया है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को 18 मार्च को मूल केस डायरी उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
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