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कानपुर देहात : 10 फीसदी ही पहुंचा धान, मक्का और ज्वार का रकबा, बारिश नहीं होने से बुआई प्रभावित

Sat, 16 Jul 2022 02:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jul 2022 02:00 AM IST
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Kanpur dehat : Paddy, maize and jowar acreage reached only 10 percent, sowing affected due to lack of rain
सूख रही धान की फसल देखता किसान। संवाद - फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। मौसम की बेरुखी से अब तक जिले में मानसूनी बारिश नहीं हुई है। आसमान में हल्के से मध्यम बादल उमड़ घुमड़ कर बिना बरसे ही निकल जा रहे हैं। इससे जिले में धान, मक्का व ज्वार की रोपाई व बुआई पिछड़ रही है।
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जुलाई में अब तक लक्ष्य के सापेक्ष दस फीसदी क्षेत्रफल में ही धान की रोपाई व मक्का व ज्वार की बुआई का अनुमान है। वहीं, बाजरा बुआई की अभी शुरुआत नहीं हो सकी है।
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कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल 42643 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान रोपाई का लक्ष्य तय किया गया था। इसमें सिर्फ 11866 हेक्टेयर क्षेत्रफल में रोपाई हो सकी थी। इस बार फिर से 40702 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान रोपाई का लक्ष्य तय किया गया है।
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इसमें से 11656 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई की उम्मीद थी। अब तक मानसूनी बारिश नहीं होने की वजह से जिले में नहर किनारे या फिर नलकूप के पास वाले खेतों में ही धान की रोपाई हो सकी है। अनुमान है कि करीब 4070 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान रोपाई हो गई है।
मक्का लक्ष्य 14049 हेक्टेयर क्षेत्रफल के सापेक्ष करीब 1404 हेक्टेयर में और ज्वार लक्ष्य 14676 के सापेक्ष करीब 1467 हेक्टेयर में बुआई का अनुमान है। पिछले साल मक्का बुआई का लक्ष्य 13648 हेक्टेयर था जिसमें से 12965 हेक्टेयर में बुआई हो गई थी। वहीं 14094 तय लक्ष्य के सापेक्ष 12684 हेक्टेयर में ज्वार की बुआई हुई थी।
बारिश में देरी से धान की रोपाई के साथ मक्का व ज्वार की बुआई पिछड़ गई है। पिछले वर्ष जुलाई में कई बार बारिश हुई थी। बारिश होने पर धान की रोपाई और मक्का व ज्वार की बुआई क्षेत्रफल में वृद्धि होगी। 17 जुलाई के बाद बारिश की संभावना मौसम वैज्ञानिक जता रहे हैं। - उमेश गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी

बाजरा बोआई की शुरुआत अटकी
पिछले साल भी अनियमित बारिश में बाजरा की फसल खासी प्रभावित रही थी। इस बार बाजरा बुआई का लक्ष्य 18023 हेक्टेयर क्षेत्रफल है। हालांकि बारिश न होने की वजह से अभी किसानों ने बाजरा की बोआई नहीं की है।
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