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एनएचएआई से लिए मुआवजे की हो सकती है वसूली
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कानपुर देहात। सिकंदरा तहसील में महमूदपुर बुर्जुग ग्राम सभा की जमीन पर पंप संचालित होने का खुलासा होने पर अब एनएचआई से लिए गए मुआवजे की पड़ताल शुरू हो गई है। पंप संचालक एनएचआई से एक करोड़ 69 लाख 67 हजार रुपये मुआवजा ले चुका है। अब कमिश्नर कोर्ट का फैसला आने के बाद यह छानबीन शुरू हो गई कि जिस जमीन पर मुआवजा लिया गया है क्या वह भी ग्राम सभा के नाम दर्ज हो गई है। अगर ग्राम सभा की जमीन पर मुआवजा लिया गया था तो उसके वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
महमूदपुर बुजुर्ग ग्राम सभा की हाईवे किनारे जमीन को 1984 में कानपुर के अशोक कुमार ने तत्कालीन अफसरों से साठगांठ कर हरियाली पट्टा कराया था। इसके बाद उस जमीन पर पंप का संचालन कर लिया गया था। वहीं जमीन का कुछ हिस्सा एनएचआई ने हाईवे बनाने के लिए अधिग्रहण किया था। इस पर पंप संचालक अशोक कुमार ने एनएचआई से एक करोड़ 69 लाख 67 हजार रुपये मुआवजा लिया था। इसमें जमीन व निर्माण कार्य भी मूल्यांकन किया गया था। अब कमिश्नर कोर्ट ने जमीन का आवंटन गलत पाया और दो बीघा जमीन को ग्राम सभा के नाम दर्ज करा दिया। इस पर अब एडीएम वित्त एवं राजस्व साहब लाल ने यह छानबीन शुरू कराई है कि जिस जमीन पर मुआवजा लिया गया है क्या वह भी ग्राम सभा के नाम दर्ज हो गई है। अगर ग्राम सभा की जमीन का मुआवजा लिया गया है तो उसकी वसूली की कार्रवाई की जाएगी। रकम वापसी करने में गड़बड़ी करने पर आरसी जारी कर दी जाएगी। बता दें कि इस जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चलता रहा। महमूदपुर गांव के लोग इसका विरोध करते रहे और अफसरों से शिकायतें करते रहे। सिकंदरा तहसील में तैनात रहे सभी एसडीएम व राजस्व कर्मियों ने अशोक कुमार पर मेहरबानी की। इसका फायदा उठाकर वह ग्राम सभा की जमीन पर पंप का संचालन करता रहा।
एसडीएम सिकंदरा रमेश चंद्र ने बताया कि ग्राम सभा की जमीन पर पंप संचालक के मुआवजा लेने की पड़ताल की जा रही है। अगर इसकी पुष्टि होती है तो मुआवजे की रकम वसूली की कार्रवाई होगी। जमीन का गलत तरीके से आवंटन किया गया है साथ ही जिम्मेदारों ने उस पर कार्रवाई की अनदेखी की है। अब मामले में कठोर कार्रवाई होगी।
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महमूदपुर बुजुर्ग ग्राम सभा की हाईवे किनारे जमीन को 1984 में कानपुर के अशोक कुमार ने तत्कालीन अफसरों से साठगांठ कर हरियाली पट्टा कराया था। इसके बाद उस जमीन पर पंप का संचालन कर लिया गया था। वहीं जमीन का कुछ हिस्सा एनएचआई ने हाईवे बनाने के लिए अधिग्रहण किया था। इस पर पंप संचालक अशोक कुमार ने एनएचआई से एक करोड़ 69 लाख 67 हजार रुपये मुआवजा लिया था। इसमें जमीन व निर्माण कार्य भी मूल्यांकन किया गया था। अब कमिश्नर कोर्ट ने जमीन का आवंटन गलत पाया और दो बीघा जमीन को ग्राम सभा के नाम दर्ज करा दिया। इस पर अब एडीएम वित्त एवं राजस्व साहब लाल ने यह छानबीन शुरू कराई है कि जिस जमीन पर मुआवजा लिया गया है क्या वह भी ग्राम सभा के नाम दर्ज हो गई है। अगर ग्राम सभा की जमीन का मुआवजा लिया गया है तो उसकी वसूली की कार्रवाई की जाएगी। रकम वापसी करने में गड़बड़ी करने पर आरसी जारी कर दी जाएगी। बता दें कि इस जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चलता रहा। महमूदपुर गांव के लोग इसका विरोध करते रहे और अफसरों से शिकायतें करते रहे। सिकंदरा तहसील में तैनात रहे सभी एसडीएम व राजस्व कर्मियों ने अशोक कुमार पर मेहरबानी की। इसका फायदा उठाकर वह ग्राम सभा की जमीन पर पंप का संचालन करता रहा।
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एसडीएम सिकंदरा रमेश चंद्र ने बताया कि ग्राम सभा की जमीन पर पंप संचालक के मुआवजा लेने की पड़ताल की जा रही है। अगर इसकी पुष्टि होती है तो मुआवजे की रकम वसूली की कार्रवाई होगी। जमीन का गलत तरीके से आवंटन किया गया है साथ ही जिम्मेदारों ने उस पर कार्रवाई की अनदेखी की है। अब मामले में कठोर कार्रवाई होगी।
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