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कानपुर देहात ः सांसद, विधायक व अफसर गोद लेंगे आंगनबाड़ी केंद्र, राज्यमंत्री ने भेजा पत्र
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शिवली में जानकारी देतीं राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
शिवली (कानपुर देहात)। सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष समेत जिले के अन्य जनप्रतिनिधि और डीएम व सीडीओ सहित विभागीय अधिकारी दो से पांच आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेंगे और उनको आदर्श बनाएंगे।
इन केंद्रों पर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराया जाएगा। इसके लिए सभी को पत्र भेजकर अनुरोध किया गया है। यह बातें रविवार को महिला कल्याण बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहीं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्र हैं। गांवों के छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को आंगनबाड़ी के माध्यम से पुष्टाहार का वितरण किया जाता है। सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री स्कूल के तहत चलाने का निर्णय लिया है।
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उन्होंने बताया कि मंत्री बनने के बाद करीब सौ आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। जिसमें से 40 जगहों पर आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले। कई जगहों पर केंद्र समय से नहीं खुल रहे, तो कई जगहों पर सामग्री का वितरण नहीं मिला।
राज्यमंत्री ने बताया कि आंगनबाड़ी की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि जिला, तहसील, ब्लॉक स्तर के अधिकारी दो से लेकर पांच आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लें।
मंत्री ने बताया कि इसके अलावा प्रदेश के सभी विधायकों, सांसदों व एमएलसी को पत्र भेजकर आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने का अनुरोध किया गया है। फीड बैक के लिए प्रदेश स्तर पर एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा। जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों की दशा व दिशा को बेहतर बनाया जा सके।
कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलेगी साड़ी
आंगनबाड़ी केंद्रों में काम करने वाली कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को जल्द दो साड़ियां मिलेंगी। 32 हजार करोड़ रुपयों की लागत से साड़ियों की खरीद हो चुकी है। सभी जगहों पर जल्द वितरण चालू होगा।
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इन केंद्रों पर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराया जाएगा। इसके लिए सभी को पत्र भेजकर अनुरोध किया गया है। यह बातें रविवार को महिला कल्याण बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहीं।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्र हैं। गांवों के छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को आंगनबाड़ी के माध्यम से पुष्टाहार का वितरण किया जाता है। सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री स्कूल के तहत चलाने का निर्णय लिया है।
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उन्होंने बताया कि मंत्री बनने के बाद करीब सौ आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। जिसमें से 40 जगहों पर आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले। कई जगहों पर केंद्र समय से नहीं खुल रहे, तो कई जगहों पर सामग्री का वितरण नहीं मिला।
राज्यमंत्री ने बताया कि आंगनबाड़ी की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि जिला, तहसील, ब्लॉक स्तर के अधिकारी दो से लेकर पांच आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लें।
मंत्री ने बताया कि इसके अलावा प्रदेश के सभी विधायकों, सांसदों व एमएलसी को पत्र भेजकर आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने का अनुरोध किया गया है। फीड बैक के लिए प्रदेश स्तर पर एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा। जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों की दशा व दिशा को बेहतर बनाया जा सके।
कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलेगी साड़ी
आंगनबाड़ी केंद्रों में काम करने वाली कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को जल्द दो साड़ियां मिलेंगी। 32 हजार करोड़ रुपयों की लागत से साड़ियों की खरीद हो चुकी है। सभी जगहों पर जल्द वितरण चालू होगा।