Kanpur Dehat: पत्नी की हत्या का मामला, घर में ही दफना दिया था शव, पति-पुत्र समेत तीन को आजीवन कारावास
सरोज पाल की बेटी सुधा ने मामले में मां के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए रिश्तों की परवाह नहीं की। उसने पिता, भाई, भाभी व भाभी की मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद इन सभी के खिलाफ अदालत में अपने बयान दर्ज कराने के साथ ही मामले की लगातार पैरवी की।
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कानपुर देहात के सिकंदरा क्षेत्र में पांच साल पहले एक महिला की हत्या कर शव जमीन में दफनाने के मामले में शुक्रवार को अदालत ने पति, पुत्र व पुत्र की सास को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी पर अर्थदंड भी लगाया है। साक्ष्य के अभाव में एक आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल व सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज सिंह ने बताया कि मंगलपुर क्षेत्र के खानपुर रसूलाबाद निवासी सुधा ने सिकंदरा थाने में वर्ष 2018 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी मां सरोज पाल (50) सिकंदरा के मालवीय नगर में परिवार के साथ रहती थीं।
उसने मां से आखरी बार सात फरवरी 2018 की रात दस बजे बात की थी। उसके बाद जब मां से उसकी कई दिन बात नहीं हुई तो वह 11 फरवरी 2018 को मायके गई। घर पर मां सरोज को न देखकर पिता पतरौल, भाई मान सिंह, भाभी सीमा व भाभी की मां रानी से उनके बारे में पूछा तो किसी ने सही जवाब नहीं दिया। की हत्या कर दी।
इससे उसे मां की हत्या की आशंका हुईं। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर घर में ही दफनाए गए सरोज पाल के शव को खोज लिया था। इसके साथ सभी के खिलाफ विवेचना कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश लालचंद्र गुप्ता की अदालत में चल रही थी।
शुक्रवार को अदालत ने सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सरोज पाल के पति पतरौल, पुत्र मान सिंह व पुत्र की सास रानी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक पर छह-छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, साक्ष्य के अभाव में आरोपी बहू सीमा को दोषमुक्त कर दिया है।
मां के हत्यारों को बेटी ने दिलाई सजा
सरोज पाल की बेटी सुधा ने मामले में मां के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए रिश्तों की परवाह नहीं की। उसने पिता, भाई, भाभी व भाभी की मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद इन सभी के खिलाफ अदालत में अपने बयान दर्ज कराने के साथ ही मामले की लगातार पैरवी की। इससे दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिली।
सरोज ने की थी दूसरी शादी
सरोज की बेटी सुधा ने अपने बयानों में बताया था कि जब वह पांच छह साल की थी, तब उसकी मां ने दूसरी शादी की थी। इसके बाद उसके सौतेले भाई का जन्म हुआ। शादी के बाद वह ससुराल आ गई। भाई का विवाह होने पर उसकी सास रानी देवी के अवैध संबंध उसके सौतेले पिता से हो गए। वह ज्यादातर उसके मां के घर पर रहने लगी थी। इसका विरोध करने पर सभी ने मिलकर उसकी मां