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लेखपालों की हड़ताल से तहसील के काम ठप, किसान परेशान
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अकबरपुर तहसील में धरने पर बैठे लेखपाल।
- फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। जिले की सभी छह तहसीलों में कार्य बहिष्कार कर लेखपालों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। इससे तहसीलों में कामकाज ठप रहा। विशेषकर किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र फंस गए है। इससे लोग परेशान हैं।
एसीपी विसंगति, वेतन उच्चीकरण, पेंशन विसंगति, बाइक भत्ता, पदोन्नति आदि मांगों को लेकर लेखपाल लंबे समय सेे संघर्ष कर रहे हैं। बुधवार को अकबरपुर तहसील में धरने को संबोधित करते हुए अध्यक्ष सुधीर दुबे ने कहा कि सरकार लेखपालों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। तहसीलों में 13 दिसंबर तक धरना चलेगा। इसके बाद 26 दिसंबर तक माती मुख्यालय में धरना दिया जाएगा। धरने में प्रदीप गौर, राकेश मिश्रा, अरुण कुमार, श्रीधर शुक्ला, गणेश शंकर, सुरेंद्र सिंह मौजूद रहे। उधर, लेखपालों की हड़ताल से किसानों के सारे काम बंद हैं। वहीं आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के आवेदनों में भी लेखपाल की रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। इससे लोग परेशान होकर तहसील के चक्कर काट रहे हैं।
डेरापुर में बुधवार को धरने को संबोधित करते हुए लेखपाल रमाकांत श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार को लेखपालों की मांगों को मान लेना चाहिए। इस मौके पर प्रीती, पूजा, मोहन सिंह, जितेंद्र सिंह, हरिश्चंद्र आदि मौजूद रहे। सिकंदरा व रसूलाबाद तहसीलों में लेखपालों का धरना जारी रहा। मैथा तहसील मुख्यालय में लेखपाल संघ ने अपनी मांगों के समर्थन में दूसरे दिन भी धरना देकर कार्य बहिष्कार किया। लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष शिवम यादव ने बताया कि शासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा है। इससे लेखपाल आंदोलित हैं। धरने में कमल किशोर सिंह, विवेक कुमार, हर्षित त्रिपाठी, राजीव पांडेय, नंदकिशोर मौजूद रहे।
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एसीपी विसंगति, वेतन उच्चीकरण, पेंशन विसंगति, बाइक भत्ता, पदोन्नति आदि मांगों को लेकर लेखपाल लंबे समय सेे संघर्ष कर रहे हैं। बुधवार को अकबरपुर तहसील में धरने को संबोधित करते हुए अध्यक्ष सुधीर दुबे ने कहा कि सरकार लेखपालों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। तहसीलों में 13 दिसंबर तक धरना चलेगा। इसके बाद 26 दिसंबर तक माती मुख्यालय में धरना दिया जाएगा। धरने में प्रदीप गौर, राकेश मिश्रा, अरुण कुमार, श्रीधर शुक्ला, गणेश शंकर, सुरेंद्र सिंह मौजूद रहे। उधर, लेखपालों की हड़ताल से किसानों के सारे काम बंद हैं। वहीं आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के आवेदनों में भी लेखपाल की रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। इससे लोग परेशान होकर तहसील के चक्कर काट रहे हैं।
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डेरापुर में बुधवार को धरने को संबोधित करते हुए लेखपाल रमाकांत श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार को लेखपालों की मांगों को मान लेना चाहिए। इस मौके पर प्रीती, पूजा, मोहन सिंह, जितेंद्र सिंह, हरिश्चंद्र आदि मौजूद रहे। सिकंदरा व रसूलाबाद तहसीलों में लेखपालों का धरना जारी रहा। मैथा तहसील मुख्यालय में लेखपाल संघ ने अपनी मांगों के समर्थन में दूसरे दिन भी धरना देकर कार्य बहिष्कार किया। लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष शिवम यादव ने बताया कि शासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा है। इससे लेखपाल आंदोलित हैं। धरने में कमल किशोर सिंह, विवेक कुमार, हर्षित त्रिपाठी, राजीव पांडेय, नंदकिशोर मौजूद रहे।
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