{"_id":"63a2187fe433b15b556bfd41","slug":"kanpur-dehat-kshatriya-sabha-asked-for-a-government-job-for-balwant-s-wife-sent-a-four-point-memorandum-to-the-chief-minister-akbarpur-news-knp734578866","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur Dehat : क्षत्रिय सभा ने बलवंत की पत्नी के लिए मांगी सरकारी नौकरी, मुख्यमंत्री को भेजा चार सूत्री ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur Dehat : क्षत्रिय सभा ने बलवंत की पत्नी के लिए मांगी सरकारी नौकरी, मुख्यमंत्री को भेजा चार सूत्री ज्ञापन
विज्ञापन
डीएम को ज्ञापन देते क्षत्रिय सभा के पदाधिकारी। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। क्षत्रिय सभा ने पुलिस की पिटाई से हुई व्यापारी बलवंत की मौत के मामले में पत्नी के लिए सरकारी नौकरी, परिजनों को एक करोड़ रुपये की मदद, सीबीसीआईडी जांच और दोषियों पर हत्या का केस चलाने की मांग की है। इस बाबत सीएम को संबोधित ज्ञापन मंगलवार दोपहर में डीएम को सौंपा।
क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष पूर्व एमएलसी लाल सिंह तोमर की अगुवाई में संगठन के पदाधिकारी मंगलवार दोपहर एक बजे कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां अध्यक्ष ने डीएम नेहा जैन को सीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की है कि बलवंत की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए।
परिवार को भरण पोषण के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजा मिले। पुलिस की बर्बर कार्रवाई की जांच एसआईटी से निष्पक्ष नहीं हो सकेगी। इसके लिए जांच सीबीसीआईडी को दी जाए।
विज्ञापन
घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति पर हत्या की धारा में केस चलाया जाए। इस दौरान महामंत्री प्रशासनिक सुधीर सिंह भदौरिया, कार्यकारी अध्यक्ष कर्नल केके सिंह, उपाध्यक्ष मन बोधन सिंह, महामंत्री आरएन सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बजरंग सिंह चौहान, सुल्तान सिंह व जेके सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष पूर्व एमएलसी लाल सिंह तोमर की अगुवाई में संगठन के पदाधिकारी मंगलवार दोपहर एक बजे कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां अध्यक्ष ने डीएम नेहा जैन को सीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की है कि बलवंत की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए।
विज्ञापन
परिवार को भरण पोषण के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजा मिले। पुलिस की बर्बर कार्रवाई की जांच एसआईटी से निष्पक्ष नहीं हो सकेगी। इसके लिए जांच सीबीसीआईडी को दी जाए।
विज्ञापन
घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति पर हत्या की धारा में केस चलाया जाए। इस दौरान महामंत्री प्रशासनिक सुधीर सिंह भदौरिया, कार्यकारी अध्यक्ष कर्नल केके सिंह, उपाध्यक्ष मन बोधन सिंह, महामंत्री आरएन सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बजरंग सिंह चौहान, सुल्तान सिंह व जेके सिंह मौजूद रहे।