{"_id":"648f5998032e840f3706eac6","slug":"kanpur-dehat-husbands-alcohol-addiction-and-womans-anger-ruined-the-family-kanpur-news-c-12-1-293413-2023-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur Dehat : पति की शराब की लत व महिला के गुस्से ने बर्बाद किया परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur Dehat : पति की शराब की लत व महिला के गुस्से ने बर्बाद किया परिवार
विज्ञापन
रूरा। पति की शराब की लत व महिला के गुस्से ने सरवा टप्पा गांव के मजरा घनश्यामपुर में परिवार को बर्बाद कर दिया। पति व बेटे की मौत और बेटी के झुलसने के बाद जब जसवंत का नशा उतरा तो वह रविवार की शाम थाने पहुंचा।
वहां उसने अपनी लत व पत्नी के गुस्से पर दुख जताया। वहीं, अगर जसवंत और उसके बड़े भाई मिथलेश के घर के बीच रोशनदान न होता तो पूरा घर जल जाता और बालिका की भी मौत हो जाती।
मिथलेश के अनुसार रोशनदान से धुंआ और बच्चों के चीखने की आवाज उसके कमरे तक पहुंची तो उसे घटना का पता चला। इस पर मिथलेश के शोर मचाने पर आसपास रहने वाले उसके भाई व अन्य लोग जसवंत के घर पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़ा दिया।
विज्ञापन
एक ओर जहां इतना सब कुछ होता रहा वहीं, जसवंत घर के बाहर चारपाई पर नशे में बेसुध सोता रहा। लोगों ने उठाया तो उसे घटना का पता चला। इससे वह मौके से कहीं चला गया।
रविवार देर शाम जसवंत थाने पहुुंचा, तो पुलिस ने हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की। थानेदार समर बहादुर सिंह के पूछने पर जसवंत सिंह ने बताया कि पहले वह ऑटो चलाता था। अब मजदूरी करके परिवार का पेट पालता है।
शनिवार को वह एक मकान में मजदूरी करके रात आठ बजे घर लौटा था। उसने शराब पी रखी थी। इसे लेकर पत्नी सुनीता और उसका विवाद हुआ था। इसके बाद पत्नी ने बेटे अर्पित को पीटा तो उसने विरोध किया।
इस पर दोबारा विवाद हुआ। कुछ देर बाद सुनीता का गुस्सा शांत हुआ तो सभी ने मिलकर खाना बनाया। इस बीच वह सुनीता का मन नहीं भांप पाया। रात में बेटा उसके पास व बेटी सुनीता के पास सो गई।
बीच में उठी सुनीता दोनों को चुपचाप कमरे में उठा ले गई और आग लगा ली। रोते हुए जसवंत ने कहा कि उसकी शराब की लत और सुनीता के गुस्से ने हंसता खेलता परिवार बर्बाद कर दिया। उसे समझ नहीं आ रहा है कि बेटी का पालन पोषण कैसे करेगा और आगे का जीवन कैसे काटेगा। फिलहाल पुलिस ने उसे थाने में बिठाकर रखा है।
आज होगा मां-बेटा का अंतिम संस्कार
आग से जिंदा जले मां-बेटे का रविवार को पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम दोनों के शव गांव पहुंचे तो परिजन बिलख पड़े। गांव के लोगों ने दुखी परिजनों को ढांढस बंधाया। घटना के बाद सुनीता के भाई अनोज, बड़ी बहनें पिंकी और रेनू मौके पर पहुंची थीं। अनोज सिंह ने बताया कि जसवंत मजदूरी करके मिले पैसे से शराब में खर्च कर देता था। उसको लेकर सुनीता और जसवंत सिंह के बीच विवाद होता रहता था। इसके चलते घटना घटी है। सुनीता के माता-पिता अभी तक ससुराल नहीं पहुंचे थे। इसके चलते उनके आने का इंतजार किया जा रहा है। अब सोमवार को मां बेटे का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
विज्ञापन
वहां उसने अपनी लत व पत्नी के गुस्से पर दुख जताया। वहीं, अगर जसवंत और उसके बड़े भाई मिथलेश के घर के बीच रोशनदान न होता तो पूरा घर जल जाता और बालिका की भी मौत हो जाती।
विज्ञापन
मिथलेश के अनुसार रोशनदान से धुंआ और बच्चों के चीखने की आवाज उसके कमरे तक पहुंची तो उसे घटना का पता चला। इस पर मिथलेश के शोर मचाने पर आसपास रहने वाले उसके भाई व अन्य लोग जसवंत के घर पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़ा दिया।
विज्ञापन
एक ओर जहां इतना सब कुछ होता रहा वहीं, जसवंत घर के बाहर चारपाई पर नशे में बेसुध सोता रहा। लोगों ने उठाया तो उसे घटना का पता चला। इससे वह मौके से कहीं चला गया।
रविवार देर शाम जसवंत थाने पहुुंचा, तो पुलिस ने हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की। थानेदार समर बहादुर सिंह के पूछने पर जसवंत सिंह ने बताया कि पहले वह ऑटो चलाता था। अब मजदूरी करके परिवार का पेट पालता है।
शनिवार को वह एक मकान में मजदूरी करके रात आठ बजे घर लौटा था। उसने शराब पी रखी थी। इसे लेकर पत्नी सुनीता और उसका विवाद हुआ था। इसके बाद पत्नी ने बेटे अर्पित को पीटा तो उसने विरोध किया।
इस पर दोबारा विवाद हुआ। कुछ देर बाद सुनीता का गुस्सा शांत हुआ तो सभी ने मिलकर खाना बनाया। इस बीच वह सुनीता का मन नहीं भांप पाया। रात में बेटा उसके पास व बेटी सुनीता के पास सो गई।
बीच में उठी सुनीता दोनों को चुपचाप कमरे में उठा ले गई और आग लगा ली। रोते हुए जसवंत ने कहा कि उसकी शराब की लत और सुनीता के गुस्से ने हंसता खेलता परिवार बर्बाद कर दिया। उसे समझ नहीं आ रहा है कि बेटी का पालन पोषण कैसे करेगा और आगे का जीवन कैसे काटेगा। फिलहाल पुलिस ने उसे थाने में बिठाकर रखा है।
आज होगा मां-बेटा का अंतिम संस्कार
आग से जिंदा जले मां-बेटे का रविवार को पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम दोनों के शव गांव पहुंचे तो परिजन बिलख पड़े। गांव के लोगों ने दुखी परिजनों को ढांढस बंधाया। घटना के बाद सुनीता के भाई अनोज, बड़ी बहनें पिंकी और रेनू मौके पर पहुंची थीं। अनोज सिंह ने बताया कि जसवंत मजदूरी करके मिले पैसे से शराब में खर्च कर देता था। उसको लेकर सुनीता और जसवंत सिंह के बीच विवाद होता रहता था। इसके चलते घटना घटी है। सुनीता के माता-पिता अभी तक ससुराल नहीं पहुंचे थे। इसके चलते उनके आने का इंतजार किया जा रहा है। अब सोमवार को मां बेटे का अंतिम संस्कार किया जाएगा।