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कानपुर देहात : दहेज हत्या में पति को सात साल की सजा, कोर्ट ने सास व ससुर को किया दोष मुक्त
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कानपुर देहात। दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को जलाकर मारने के मामले में कोर्ट ने दोषी पति को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, आरोपी सास व ससुर को साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने दोष मुक्त कर दिया।
रसूलाबाद के पालनगर गांव निवासी राजाबाबू की पत्नी सावित्री उर्फ सरोज की दो अगस्त 2017 को जलने से मौत हो गई थी। मामले में सजेती के मायाका पुरवा गांव निवासी सावित्री के भाई देवीशंकर ने रसूलाबाद थाने में राजाबाबू, उसकी मां मीरा व पिता बृजेंद्र के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोप लगाया था कि शादी के बाद दहेज में एक लाख रुपये न देने पर आरोपी उसकी बहन को प्रताड़ित करते थे। दहेज के लिए ही सावित्री को जलाकर मार डाला। विवेचक ने मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था।
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इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चार बाकर शमीम रिजवी की अदालत में चल रही थी। शुक्रवार को अदालत ने मामले में पति को दोषी करार देते हुए सात साल के कठोर कारावास व चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
वही, साक्ष्यों के अभाव में सास मीरा व ससुर बृजेंद्र को दोषमुक्त कर दिया। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया कि अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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रसूलाबाद के पालनगर गांव निवासी राजाबाबू की पत्नी सावित्री उर्फ सरोज की दो अगस्त 2017 को जलने से मौत हो गई थी। मामले में सजेती के मायाका पुरवा गांव निवासी सावित्री के भाई देवीशंकर ने रसूलाबाद थाने में राजाबाबू, उसकी मां मीरा व पिता बृजेंद्र के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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आरोप लगाया था कि शादी के बाद दहेज में एक लाख रुपये न देने पर आरोपी उसकी बहन को प्रताड़ित करते थे। दहेज के लिए ही सावित्री को जलाकर मार डाला। विवेचक ने मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था।
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इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चार बाकर शमीम रिजवी की अदालत में चल रही थी। शुक्रवार को अदालत ने मामले में पति को दोषी करार देते हुए सात साल के कठोर कारावास व चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
वही, साक्ष्यों के अभाव में सास मीरा व ससुर बृजेंद्र को दोषमुक्त कर दिया। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया कि अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।