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Kanpur News: मैग्नेटिक ग्रीन चाक बोर्ड घोटाले में चार ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित, चार के खिलाफ लिखा पत्र

Sat, 19 Aug 2023 01:17 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Aug 2023 01:17 AM IST
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Kanpur Dehat : Four Gram Panchayat officers suspended in Magnetic Green Chalk Board scam, letter written against four
कानपुर देहात। जिले के चार ब्लॉकों के प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में कायाकल्प अभियान के तहत करीब 1.55 करोड़ रुपये से बिना टेंडर के बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर मैग्नेटिक ग्रीन चाक बोर्ड की खरीद की गई।
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इसमें निजी फर्म के नाम पर 60 लाख रुपये भुगतान करने के मामले में डीपीआरओ ने चार ग्राम पंचायत अधिकारियों को निलंबित कर दिया। वहीं, स्थानांतरण पर हरदोई गए तीन व शाहजहांपुर जिले में गए एक ग्राम पंचायत अधिकारी के निलंबन के लिए वहां के डीपीआरओ को पत्र भेजा गया है।
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वित्तीय वर्ष 2020 में कायाकल्प अभियान के तहत रसूलाबाद, डेरापुर, झींझक व मैथा ब्लॉक में यूनिक इंफ्रा प्रोजेक्ट फर्म से करीब एक करोड़ 55 लाख रुपये से मैग्नेटिक ग्रीन चाक बोर्ड की खरीद की गई। यह खरीद बिना टेंडर कोटेशन के मनमाने तरीके से हुई।
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इतना ही नहीं बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमतों पर सीधे आपूर्ति कराकर फर्म को 60 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। इनकी भनक लगने पर अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने कमिश्नर कानपुर से शिकायत की।

इसपर तत्कालीन उप निदेशक पंचायती राज की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेटी को जांच के निर्देश दिए गए थे। इसके साथ ही 95 लाख का भुगतान रोक दिया गया। इधर दो नवंबर 2022 को शासन ने निदेशक पंचायती राज को जांच सौंपी।

निदेशक पंचायती राज की अध्यक्षता में जांच में गड़बड़ी का खुलासा हुआ। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इसके बाद तत्कालीन डीपीआरओ शिवशंकर को निलंबित कर दिया था। शासन के निर्देश में पिछले दिनों डीडीओ ने आरोपित 12 ग्राम विकास अधिकारियों व डीपीआरओ ने आठ ग्राम पंचायत अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब तलब किया था।

आठ ग्राम पंचायत अधिकारियों के जवाबों का परीक्षण करने के बाद डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी विकास बाबू, देवी प्रसाद, स्नेहलता व रोहित को निलंबित कर दिया। जबकि तबादले पर हरदोई गए ग्राम पंचायत अधिकारी विनय वर्मा, अरुण प्रताप व अंकित कुमार और शाहजहांपुर गए रक्षपाल के निलंबन के लिए संबंधित जिले के डीपीआरओ को पत्र भेजा है।


शासन स्तर से कराई गई जांच में आठ ग्राम पंचायत अधिकारी दोषी पाए गए हैं। चार ग्राम पंचायत अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। जबकि गैर जनपद ट्रांसफर पर गए चार ग्राम पंचायत अधिकारियों के निलंबन के लिए संबंधित जिले के डीपीआरओ को पत्र भेजा गया है। जल्द ही उन पर भी कार्रवाई होगी। - विकास पटेल, डीपीआरओ कानपुर देहात।

कागजों पर चल रही फर्म के पते पर भेजी चिट्ठी वापस आ गई
मैग्नेटिक ग्रीन चाक बोर्ड सप्लाई करने वाली यूनिक इंफ्रा प्रोजेक्ट के कार्यालय का पता 4-485, अंबेडकरपुरम आवास विकास कल्याणपुर कानपुर तीन दर्ज किया गया था। जांच शुरू हुई तो विभाग ने पत्र लिखकर बोर्ड सप्लाई किए जाने के बाबत सूचना मांगी। रजिस्टर्ड डाक वापस आ गई। डाक विभाग ने इस पते पर कोई कार्यालय नहीं होने की टिप्पणी की। इसके बाद बाद पता चला कि कागजों पर ही फर्म का संचालन किया जा रहा था।


12 ग्राम विकास अधिकारियों पर भी जल्द हो सकती कार्रवाई
घोटाले में रसूलाबाद, डेरापुर, झींझक व मैथा ब्लॉक के 12 ग्राम विकास अधिकारी भी शामिल हैं। इन्हें भी नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है। डीडीओ गोरख नाथ भट्ट ने बताया कि जांच में जिन 12 ग्राम विकास अधिकारियों के नाम शामिल पाए गए, उन सभी को नोटिस दिया गया है। जवाब आने पर परीक्षण कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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