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Kanpur News: बुखार का कहर, रसूलाबाद में मासूम और पुखरायां में युवती की जान गई
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कानपुर देहात/ रसूलाबाद। जिले में बुखार से मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा है। शुक्रवार को रसूलाबाद में पंचायत सहायक के बेटे की बुखार से मौत हो गई। हालांकि परिजनों ने ईएमओ की लिखी गई दवा से हालत बिगड़ने के बाद मौत का आरोप लगाया है। वहीं, पुखरायां में मलासा के मीनापुर गांव में भी एक युवती की बुखार से मौत हो गई। उसका कानपुर नगर में उपचार चल रहा था।
मौसम बदलने और बारिश के बाद जलभराव की वजह से पनप रहे मच्छर बीमारी बांट रहे हैं। दो माह में में 150 मलेरिया संक्रमित रोगी चिह्नित हो चुके हैं। इधर, जिले में संदिग्ध डेंगू, मलेरिया व बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है।
रसूलाबाद देहात के पंचायत सहायक कप्तान सिंह की पत्नी प्रतीक्षा सिंह उर्फ राधा ने आठ सितंबर को हैलट में बेटे शिवाय को जन्म दिया था। गुरुवार शाम शिवाय (8 दिन) को बुखार आ गया। परिजन झींझक रोड में बैठने वाले एक निजी चिकित्सक के पास ले गए।
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चिकित्सक ने बच्चा स्वस्थ होने की बात कह कर बिना दवा दिए घर भेज दिया। शुक्रवार सुबह नवजात के रोने व बार-बार हिचकी लेने पर कप्तान सिंह पत्नी के साथ बच्चे को लेकर सीएचसी गए। वहां ईएमओ डॉ. बृजेश कुमार ने दवा लिख दी।
इधर, दवा पिलाने के बाद नवजात की हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। ईएमओ डॉ. एन चंद्रा ने बताया कि नवजात को दंपती लेकर दोबारा अस्पताल आए थे। इसपर परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इधर, पीड़ित दंपती ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर नाराजगी जताई। कहा कि वह लिखित शिकायत डीएम व सीएमओ से करेंगे।
वहीं, पुखरायां में मलासा के मीनापुर गांव निवासी अर्चना ने बताया कि पुत्री प्रियंका को चार दिन पूर्व बुखार आया था। इलाज के लिए अकबरपुर के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया पर वहां हालत में सुधार नहीं हुआ।
इस पर कानपुर नगर ले गए। वहां निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। इस पर मां अर्चना, पिता रामकृष्ण, भाई रामनारायण, श्यामनारायण, गंगानारायण बिलख पड़े। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विकास कुमार ने बताया कि गांव में चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
उधर, रसूलाबाद सीएचसी की ओपीडी में शुक्रवार को 316 मरीज देखे गए जिसमें 48 मरीज जुखाम बुखार के रहे। सीएचसी के चिकित्साधिक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि बच्चे को मृत अवस्था में सीएचसी लाया गया। लिखित शिकायत मिलने पर संबंधित डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इधर जिला अस्पताल में 1188 मरीज पहुंचे। इसमें आधे बुखार, जुकाम पीड़ित रहे।
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मौसम बदलने और बारिश के बाद जलभराव की वजह से पनप रहे मच्छर बीमारी बांट रहे हैं। दो माह में में 150 मलेरिया संक्रमित रोगी चिह्नित हो चुके हैं। इधर, जिले में संदिग्ध डेंगू, मलेरिया व बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है।
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रसूलाबाद देहात के पंचायत सहायक कप्तान सिंह की पत्नी प्रतीक्षा सिंह उर्फ राधा ने आठ सितंबर को हैलट में बेटे शिवाय को जन्म दिया था। गुरुवार शाम शिवाय (8 दिन) को बुखार आ गया। परिजन झींझक रोड में बैठने वाले एक निजी चिकित्सक के पास ले गए।
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चिकित्सक ने बच्चा स्वस्थ होने की बात कह कर बिना दवा दिए घर भेज दिया। शुक्रवार सुबह नवजात के रोने व बार-बार हिचकी लेने पर कप्तान सिंह पत्नी के साथ बच्चे को लेकर सीएचसी गए। वहां ईएमओ डॉ. बृजेश कुमार ने दवा लिख दी।
इधर, दवा पिलाने के बाद नवजात की हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। ईएमओ डॉ. एन चंद्रा ने बताया कि नवजात को दंपती लेकर दोबारा अस्पताल आए थे। इसपर परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इधर, पीड़ित दंपती ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर नाराजगी जताई। कहा कि वह लिखित शिकायत डीएम व सीएमओ से करेंगे।
वहीं, पुखरायां में मलासा के मीनापुर गांव निवासी अर्चना ने बताया कि पुत्री प्रियंका को चार दिन पूर्व बुखार आया था। इलाज के लिए अकबरपुर के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया पर वहां हालत में सुधार नहीं हुआ।
इस पर कानपुर नगर ले गए। वहां निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। इस पर मां अर्चना, पिता रामकृष्ण, भाई रामनारायण, श्यामनारायण, गंगानारायण बिलख पड़े। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विकास कुमार ने बताया कि गांव में चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
उधर, रसूलाबाद सीएचसी की ओपीडी में शुक्रवार को 316 मरीज देखे गए जिसमें 48 मरीज जुखाम बुखार के रहे। सीएचसी के चिकित्साधिक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि बच्चे को मृत अवस्था में सीएचसी लाया गया। लिखित शिकायत मिलने पर संबंधित डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इधर जिला अस्पताल में 1188 मरीज पहुंचे। इसमें आधे बुखार, जुकाम पीड़ित रहे।