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Kanpur News: जलालपुर में फैला बुखार, मासूम की मौत, सौ से अधिक बीमार, 14 मलेरिया पीड़ित
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जलालपुर गांव में कैंप लगा दवा का वितरण करते डॉक्टर। संवाद
कानपुर देहात। जिले में डेंगू और मलेरिया की दस्तक के बीच मंगलवार को सरवनखेड़ा ब्लॉक के जलालपुर गांव में बुखार ने एक मासूम की जान ले ली। गांव में सौ से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं।
इनमें किट से हुई जांच में 14 लोग मलेरिया पीड़ित पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर बुखार पीड़ित 119 मरीजों की जांच की। इस मौसम में बुखार से जिले में यह पहली मौत है।
जलालपुर गांव में काफी समय से लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। जानकारी पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक बार शिविर लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी थी।
मंगलवार को गांव निवासी कामता की बुखार से पीड़ित पांच वर्षीय पुत्री परी की एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी। मासूम की बुआ शिखा ने बताया कि चार दिन पूर्व परी को बुखार आने पर अकबरपुर स्थित प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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वहीं, बुखार पीड़ित मासूम की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर प्राथमिक विद्यालय में शिविर लगाकर लोगों की जांच की। इसके साथ ही घर-घर जाकर एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया गया।
गांव में लगे शिविर में कुल 119 लोगों की जांच कर दवा दी गई। इसमें किट से हुई जांच में गांव के धर्मेंद्र (10), अंजू (8), चिराग (7), संतोषी (6), लाडो (7), कमलेश (11), अर्जुन (5) सहित 14 लोग मलेरिया संक्रमित पाए गए।
जिला मलेरिया अधिकारी मारुति दीक्षित ने बताया कि गांव में जगह-जगह जलभराव वाली जगह में मच्छर के लार्वा मिले है। यहां एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है। बच्चे के परिवार वालों से उपचार से जुड़े दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन वह दिखा नहीं पाए हैं।
मासूम की मौत पर जागे अफसर, गांव में एंटी लार्वा का हुआ छिड़काव
जलालपुर गांव में बुखार कई दिन से पैर पसारे है। लोग बीमार हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग बेफिक्र रहा। मंगलवार को मासूम की मौत के बाद अधिकारी जागे तो गांव में स्वास्थ्य कर्मियों ने एंटी लार्वा का छिड़काव किया। डॉक्टर भी एकत्र पानी में लार्वा देखते नजर आए। लोगों का कहना है कि मलेरिया व स्वास्थ्य विभाग पहले सचेत होता तो मासूम की जान बच जाती। अभी भी सौ से अधिक लोग गांव में बीमार हैं।
जिले में 369 बुखार पीड़िताें का हुआ उपचार
सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में बुखार पीड़ित 250 मरीजों का उपचार हुआ है। जलालपुर गांव में 119 बुखार पीडि़तों की जांच कर दवा दी गई। 557 जलपात्रों की जांच में 228 में पानी भरा मिला। गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है। जलालपुर गांव में 14 और जिला अस्पताल में तीन लोग मलेरिया संक्रमित पाए गए हैं। पूरे जिले में 20 लोगों की डेंगू की जांच हुई, कोई भी संक्रमित नहीं पाया गया। जिले में अभी तक एक ही डेंगू संक्रमित युवक आया था। सीएमओ ने कहा कि कोई भी मलेरिया और डेंगू से संक्रमित व्यक्ति झोलाछाप से किसी भी हाल में उपचार न करवाए। उन्होंने लोगों से अपील कि स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर मरीज अपना उपचार कराएं। यहां दवाएं व जांच के संसाधन उपलब्ध हैं।
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इनमें किट से हुई जांच में 14 लोग मलेरिया पीड़ित पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर बुखार पीड़ित 119 मरीजों की जांच की। इस मौसम में बुखार से जिले में यह पहली मौत है।
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जलालपुर गांव में काफी समय से लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। जानकारी पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक बार शिविर लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी थी।
मंगलवार को गांव निवासी कामता की बुखार से पीड़ित पांच वर्षीय पुत्री परी की एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी। मासूम की बुआ शिखा ने बताया कि चार दिन पूर्व परी को बुखार आने पर अकबरपुर स्थित प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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वहीं, बुखार पीड़ित मासूम की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर प्राथमिक विद्यालय में शिविर लगाकर लोगों की जांच की। इसके साथ ही घर-घर जाकर एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया गया।
गांव में लगे शिविर में कुल 119 लोगों की जांच कर दवा दी गई। इसमें किट से हुई जांच में गांव के धर्मेंद्र (10), अंजू (8), चिराग (7), संतोषी (6), लाडो (7), कमलेश (11), अर्जुन (5) सहित 14 लोग मलेरिया संक्रमित पाए गए।
जिला मलेरिया अधिकारी मारुति दीक्षित ने बताया कि गांव में जगह-जगह जलभराव वाली जगह में मच्छर के लार्वा मिले है। यहां एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है। बच्चे के परिवार वालों से उपचार से जुड़े दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन वह दिखा नहीं पाए हैं।
मासूम की मौत पर जागे अफसर, गांव में एंटी लार्वा का हुआ छिड़काव
जलालपुर गांव में बुखार कई दिन से पैर पसारे है। लोग बीमार हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग बेफिक्र रहा। मंगलवार को मासूम की मौत के बाद अधिकारी जागे तो गांव में स्वास्थ्य कर्मियों ने एंटी लार्वा का छिड़काव किया। डॉक्टर भी एकत्र पानी में लार्वा देखते नजर आए। लोगों का कहना है कि मलेरिया व स्वास्थ्य विभाग पहले सचेत होता तो मासूम की जान बच जाती। अभी भी सौ से अधिक लोग गांव में बीमार हैं।
जिले में 369 बुखार पीड़िताें का हुआ उपचार
सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में बुखार पीड़ित 250 मरीजों का उपचार हुआ है। जलालपुर गांव में 119 बुखार पीडि़तों की जांच कर दवा दी गई। 557 जलपात्रों की जांच में 228 में पानी भरा मिला। गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है। जलालपुर गांव में 14 और जिला अस्पताल में तीन लोग मलेरिया संक्रमित पाए गए हैं। पूरे जिले में 20 लोगों की डेंगू की जांच हुई, कोई भी संक्रमित नहीं पाया गया। जिले में अभी तक एक ही डेंगू संक्रमित युवक आया था। सीएमओ ने कहा कि कोई भी मलेरिया और डेंगू से संक्रमित व्यक्ति झोलाछाप से किसी भी हाल में उपचार न करवाए। उन्होंने लोगों से अपील कि स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर मरीज अपना उपचार कराएं। यहां दवाएं व जांच के संसाधन उपलब्ध हैं।