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Kanpur News: भिलसी गांव में बुखार का प्रकोप, पीड़ित बालिका ने दम त़ोड़ा
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सरवनखेड़ा। विकास खंड क्षेत्र के गंगरौली गांव के मजरा भिलसी में एक सप्ताह से बुखार फैला है। यहां मंगलवार की रात बुखार से इलाज के दौरान चार वर्षीय बालिका की मौत हो गई। गांव में 12 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद गांव में स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची है।
गंगरौली गांव के मजरा भिलसी में एक सप्ताह से जुकाम बुखार और सिर दर्द, हाथ पैर में अकड़न जैसे लक्षण से लोग पीड़ित हैं। गांव के लोगों के लिए सरकारी सुविधा के नाम पर 15 किमी दूर सरवनखेड़ा पीएचसी का ही एकमात्र सहारा है।
दूर होने की वजह से ग्रामीण गांव में ही प्राइवेट डॉक्टर से इलाज करते हैं। गांव निवासी राजेश पासवान ने कई दिनों से बुखार से पीड़ित अपनी चार वर्षीय बेटी रुद्राक्षी को इलाज के लिए कल्याणपुर के एक निजी नर्सिंग होम में तीन दिन पहले भर्ती कराया था।
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वहां इलाज के दौरान मंगलवार की रात उसकी मौत हो गई। इसके साथ ही मृतका के भाई साहिल (11), बहन गौरी (8), संतोषी (6), कालिदीन (60), शिव देवी (40), रानी देवी (45), इंदल (50) सहित करीब दो दर्जन से अधिक लोग बीमार हैं।
ग्रामीण श्रीकांत शुक्ला ने बताया की गांव में सफाई न होने से नालियां बजबजा रही हैं। गंदगी से लोगों का जीना दूभर है। गांव में फैली गंदगी के बाबत कई बार विकास खंड कार्यालय में शिकायत की पर किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
ग्रामीण कालिदीन, राजेश ने बताया की गांव में बीमारी फैलने की सूचना मुख्यमंत्री हेल्प लाइन में तीन दिन पूर्व देने के बावजूद अभी तक स्वास्थ्य टीम गांव नहीं पहुंची है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरवनखेड़ा के प्रभारी डॉ. राकेश यादव ने बताया की बुखार से एक मासूम की मौत कई लोगों के बीमार होने की जानकारी मिली है। गुरुवार को गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी जाएगी।
रसूलाबाद सीएचसी पहुंचे 50 जुकाम, बुखार पीड़ित, तीन रेफर
रसूलाबाद। सीएचसी में बुधवार को 50 से अधिक मरीज खांसी और जुकाम व बुखार से पीड़ित पहुंचे। इसमें पांच मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। तीन की हालत चिंताजनक देखते हुए ईएमओ ने हैलट रेफर कर दिया है।
क्षेत्र के गांवों में वायरल बुखार व टाइफाइड के मरीज काफी संख्या में सामने आ रहे हैं। बुधवार को सीएचसी की ओपीडी में 232 मरीज देखे गए। इसमं 50 से अधिक मरीज खांसी, जुकाम व बुखार के थे। जिन्हें ईएमओ डॉ. बृजेश कुमार ने परीक्षण कर दवा लिखी।
वहीं, नैलाकटरा गांव की आशा कार्यकर्ता संगीता (35), भैसायां गांव निवासी अखिलेश की बेटी दीपिका (3), रानाइटाहा गांव निवासी महिपाल की 18 माह की बेटी व संजय नगर कहिंजरी निवासी रोशनी के नवजात बेटे को तेज बुखार होने पर ईएमओ ने सीएचसी में भर्ती कर इलाज शुरू किया।
हालत में सुधार न होने के कारण आशा कार्यकर्ता संगीता, महिपाल की बेटी व रोशनी के नवजात बेटे को हैलट रेफर कर दिया गया। असालतगंज निवासी मोहम्मद हनीफ की बेटी आरसी (20) को भी भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने बताया क बुधवार को किट से की गई जांच में चार मरीज टाइफाइड संक्रमित मिले। जिनका इलाज शुरू किया गया। (संवाद)
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जिला अस्पताल में 1181 मरीजों का हुआ उपचार
जिला अस्पताल में बुधवार को 1181 मरीजों का उपचार हुआ। इसमें 315 जुखाम, बुखार पीड़ितों का उपचार हुआ। इसके अलावा 88 लोगों के खून की जांच हुई।
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गंगरौली गांव के मजरा भिलसी में एक सप्ताह से जुकाम बुखार और सिर दर्द, हाथ पैर में अकड़न जैसे लक्षण से लोग पीड़ित हैं। गांव के लोगों के लिए सरकारी सुविधा के नाम पर 15 किमी दूर सरवनखेड़ा पीएचसी का ही एकमात्र सहारा है।
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दूर होने की वजह से ग्रामीण गांव में ही प्राइवेट डॉक्टर से इलाज करते हैं। गांव निवासी राजेश पासवान ने कई दिनों से बुखार से पीड़ित अपनी चार वर्षीय बेटी रुद्राक्षी को इलाज के लिए कल्याणपुर के एक निजी नर्सिंग होम में तीन दिन पहले भर्ती कराया था।
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वहां इलाज के दौरान मंगलवार की रात उसकी मौत हो गई। इसके साथ ही मृतका के भाई साहिल (11), बहन गौरी (8), संतोषी (6), कालिदीन (60), शिव देवी (40), रानी देवी (45), इंदल (50) सहित करीब दो दर्जन से अधिक लोग बीमार हैं।
ग्रामीण श्रीकांत शुक्ला ने बताया की गांव में सफाई न होने से नालियां बजबजा रही हैं। गंदगी से लोगों का जीना दूभर है। गांव में फैली गंदगी के बाबत कई बार विकास खंड कार्यालय में शिकायत की पर किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
ग्रामीण कालिदीन, राजेश ने बताया की गांव में बीमारी फैलने की सूचना मुख्यमंत्री हेल्प लाइन में तीन दिन पूर्व देने के बावजूद अभी तक स्वास्थ्य टीम गांव नहीं पहुंची है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरवनखेड़ा के प्रभारी डॉ. राकेश यादव ने बताया की बुखार से एक मासूम की मौत कई लोगों के बीमार होने की जानकारी मिली है। गुरुवार को गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी जाएगी।
रसूलाबाद सीएचसी पहुंचे 50 जुकाम, बुखार पीड़ित, तीन रेफर
रसूलाबाद। सीएचसी में बुधवार को 50 से अधिक मरीज खांसी और जुकाम व बुखार से पीड़ित पहुंचे। इसमें पांच मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। तीन की हालत चिंताजनक देखते हुए ईएमओ ने हैलट रेफर कर दिया है।
क्षेत्र के गांवों में वायरल बुखार व टाइफाइड के मरीज काफी संख्या में सामने आ रहे हैं। बुधवार को सीएचसी की ओपीडी में 232 मरीज देखे गए। इसमं 50 से अधिक मरीज खांसी, जुकाम व बुखार के थे। जिन्हें ईएमओ डॉ. बृजेश कुमार ने परीक्षण कर दवा लिखी।
वहीं, नैलाकटरा गांव की आशा कार्यकर्ता संगीता (35), भैसायां गांव निवासी अखिलेश की बेटी दीपिका (3), रानाइटाहा गांव निवासी महिपाल की 18 माह की बेटी व संजय नगर कहिंजरी निवासी रोशनी के नवजात बेटे को तेज बुखार होने पर ईएमओ ने सीएचसी में भर्ती कर इलाज शुरू किया।
हालत में सुधार न होने के कारण आशा कार्यकर्ता संगीता, महिपाल की बेटी व रोशनी के नवजात बेटे को हैलट रेफर कर दिया गया। असालतगंज निवासी मोहम्मद हनीफ की बेटी आरसी (20) को भी भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने बताया क बुधवार को किट से की गई जांच में चार मरीज टाइफाइड संक्रमित मिले। जिनका इलाज शुरू किया गया। (संवाद)
जिला अस्पताल में 1181 मरीजों का हुआ उपचार
जिला अस्पताल में बुधवार को 1181 मरीजों का उपचार हुआ। इसमें 315 जुखाम, बुखार पीड़ितों का उपचार हुआ। इसके अलावा 88 लोगों के खून की जांच हुई।