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कानपुर देहात : जिला महिला अस्पताल की इमरजेंसी के लिए नहीं स्टाफ, गंभीर मरीजों को हैलट किया जाता रेफर
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जिला महिला अस्पताल में बंद इमरजेसी। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। सरकार की ओर से अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है, जबकि हकीकत इसके उलट है। ग्रामीण क्षेत्र की बात तो दूर जिला महिला अस्पताल में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती न होने से इमरजेंसी सेवा ठप पड़ी है। इससे मरीजों को हैलट रेफर करना मजबूरी बना है। सीएमएस ने स्टाफ की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा है।
जिले में वर्ष 2016 में 100 बेड का जिला महिला अस्पताल तैयार हो गया था। इस दौरान अस्पताल में इमरजेंसी भी बनाई गई थी। तब से लेकर आज तक इमरजेंसी सेवा चालू नहीं हो पाई है। इस वजह से महिला अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को सीधे हैलट रेफर किया जाता है।
ऐसे में कई बार गर्भवती की हालत और भी बिगड़ जाती है और उसकी जान पर खतरा बन जाता है। वहीं, अगर महिला कम गंभीर है तो उसे लेबर रूम में भर्ती कर इलाज किया जाता है।
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अधिकारियों का कहना है कि इमरजेंसी चलाने के लिए तीन डॉक्टर, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, वार्ड आया और सफाईकर्मी की जरूरत है। इन सभी की महिला अस्पताल में तैनाती नहीं है। इस वजह से इमरजेंसी चालू नहीं हो पा रही।
जिला महिला अस्पताल में इमरजेंसी संचालन के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं तैनात है। इसके लिए मांग पत्र शासन को भेजा गया है। स्टाफ की तैनाती होते ही इमरजेंसी का संचालन किया जाएगा। - डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस।
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जिले में वर्ष 2016 में 100 बेड का जिला महिला अस्पताल तैयार हो गया था। इस दौरान अस्पताल में इमरजेंसी भी बनाई गई थी। तब से लेकर आज तक इमरजेंसी सेवा चालू नहीं हो पाई है। इस वजह से महिला अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को सीधे हैलट रेफर किया जाता है।
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ऐसे में कई बार गर्भवती की हालत और भी बिगड़ जाती है और उसकी जान पर खतरा बन जाता है। वहीं, अगर महिला कम गंभीर है तो उसे लेबर रूम में भर्ती कर इलाज किया जाता है।
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अधिकारियों का कहना है कि इमरजेंसी चलाने के लिए तीन डॉक्टर, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, वार्ड आया और सफाईकर्मी की जरूरत है। इन सभी की महिला अस्पताल में तैनाती नहीं है। इस वजह से इमरजेंसी चालू नहीं हो पा रही।
जिला महिला अस्पताल में इमरजेंसी संचालन के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं तैनात है। इसके लिए मांग पत्र शासन को भेजा गया है। स्टाफ की तैनाती होते ही इमरजेंसी का संचालन किया जाएगा। - डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस।