{"_id":"5e6401818ebc3eeb52667433","slug":"kanpur-dehat-crime-akbarpur-news-knp549250486","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुकानदार की हत्या के विरोध में बाजार बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुकानदार की हत्या के विरोध में बाजार बंद
विज्ञापन
व्यापारी की हत्या के बाद गलुवापुर की बंद दुकानें।
- फोटो : AKBARPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेरापुर (कानपुर देहात)। परचून दुकानदार की हत्या के विरोध में बाजार बंद रहा। दुकानदार के पिता ने रंगदारी न देने पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी को गिरफ्तार कर अवैध रिवाल्वर बरामद की गई है।
जिगनिश गांव निवासी अजय शुक्ला की गलुवापुर में परचून दुकान है। दुकान में उनका बेटा अमित शुक्ला बैठता था। शुक्रवार रात अमित दुकान बंद कर गोदाम देखने जा रहा था। गोदाम के पास पहुंचने पर गलुवापुर निवासी आयुष दीक्षित ने अवैध रिवाल्वर से उसे दो गोलियां मारीं। गोली अमित की गर्दन व ढोड़ी में घुस गई। गोली चलने की आवाज पर आसपास के लोग जुट गए। इसी दौरान अजय शुक्ला भी मौके पर पहुंच गए। तड़प रहे घायल बेटे को वह पहले अकबरपुर फिर कानपुर के निजी अस्पताल ले गए। इधर घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। उसके पास से रिवाल्वर मिला। इसके बाद पुलिस उसे थाने ले गई।
देर रात कानपुर के निजी अस्पताल में अमित की मौत हो गई। रात में एसपी अनुराग वत्स गलुवापुर पहुंचे और घटना स्थल देखा। प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार यादव ने बताया कि मृतक के पिता ने रंगदारी देने से इंकार पर बेटे की हत्या का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई है। किराना दुकानदार की गोली मारकर हत्या को लेकर शनिवार को गलुवापुर व जिगनिश बाजार बंद रहा। दुकानदारों ने घटना की एक स्वर से निंदा की।
विज्ञापन
हो गया था आईटीबीटी में चयन
दो वर्ष पूर्व अमित का आईटीबीटी में चयन हो गया था। पिता ने उसे नहीं जाने दिया था। अमित ने शिक्षक भर्ती की भी परीक्षा दी थी। टीईटी में 108 अंक मिले थे। भर्ती प्रक्रिया के बाद मामला कोर्ट में जाने से ज्वाइनिंग नहीं हो पाई थी। न्यायालय में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित किए जाने पर वह खुश था। उसे उम्मीद थी कि फैसला उसके पक्ष में आएगा। अमित का जन्मदिन 5 मार्च को था। पिता अजय शुक्ला ने रुंधे गले से बताया कि बेटे को दीर्घायु का आशीर्वाद दिया। नहीं पता था कि यह आशीर्वाद अंतिम बन जाएगा। मृतक के बाबा राजनरायन शुक्ला भी गुमसुम हो गए। घर के मुख्य द्वार पर मां सावित्री व अन्य रिश्ते-नातेदार रोने बिलखने लगे।
विज्ञापन
जिगनिश गांव निवासी अजय शुक्ला की गलुवापुर में परचून दुकान है। दुकान में उनका बेटा अमित शुक्ला बैठता था। शुक्रवार रात अमित दुकान बंद कर गोदाम देखने जा रहा था। गोदाम के पास पहुंचने पर गलुवापुर निवासी आयुष दीक्षित ने अवैध रिवाल्वर से उसे दो गोलियां मारीं। गोली अमित की गर्दन व ढोड़ी में घुस गई। गोली चलने की आवाज पर आसपास के लोग जुट गए। इसी दौरान अजय शुक्ला भी मौके पर पहुंच गए। तड़प रहे घायल बेटे को वह पहले अकबरपुर फिर कानपुर के निजी अस्पताल ले गए। इधर घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। उसके पास से रिवाल्वर मिला। इसके बाद पुलिस उसे थाने ले गई।
विज्ञापन
देर रात कानपुर के निजी अस्पताल में अमित की मौत हो गई। रात में एसपी अनुराग वत्स गलुवापुर पहुंचे और घटना स्थल देखा। प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार यादव ने बताया कि मृतक के पिता ने रंगदारी देने से इंकार पर बेटे की हत्या का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई है। किराना दुकानदार की गोली मारकर हत्या को लेकर शनिवार को गलुवापुर व जिगनिश बाजार बंद रहा। दुकानदारों ने घटना की एक स्वर से निंदा की।
विज्ञापन
हो गया था आईटीबीटी में चयन
दो वर्ष पूर्व अमित का आईटीबीटी में चयन हो गया था। पिता ने उसे नहीं जाने दिया था। अमित ने शिक्षक भर्ती की भी परीक्षा दी थी। टीईटी में 108 अंक मिले थे। भर्ती प्रक्रिया के बाद मामला कोर्ट में जाने से ज्वाइनिंग नहीं हो पाई थी। न्यायालय में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित किए जाने पर वह खुश था। उसे उम्मीद थी कि फैसला उसके पक्ष में आएगा। अमित का जन्मदिन 5 मार्च को था। पिता अजय शुक्ला ने रुंधे गले से बताया कि बेटे को दीर्घायु का आशीर्वाद दिया। नहीं पता था कि यह आशीर्वाद अंतिम बन जाएगा। मृतक के बाबा राजनरायन शुक्ला भी गुमसुम हो गए। घर के मुख्य द्वार पर मां सावित्री व अन्य रिश्ते-नातेदार रोने बिलखने लगे।